
साहित्यिक सम्पादक शिवगंज (राजस्थान) : गुरुदीन वर्मा।
उप प्रधानाचार्य पद समाप्त करना छात्र व शिक्षक विरोधी निर्णय स्वीकार योग्य नहीं- गहलोत।
शिवगंज(राजस्थान): राज्य सरकार द्वारा उपप्रधानाचार्य के पद डाइंग केडर घोषित करने के निर्णय का राजस्थान शिक्षक संघ (प्रगतिशील) के प्रदेश मुख्य महामंत्री धर्मेन्द्र गहलोत ने घोर विरोध व्यक्त कर मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा से उप प्रधानाचार्य के पद को समाप्त करने पर पुनर्विचार कर वरिष्ठ व्याख्याता पद सृजित करने के निर्णय को वापस लेने की मांग की है।
राजस्थान शिक्षक संघ (प्रगतिशील) के जिला पदाधिकारी गुरुदीन वर्मा के अनुसार संघ (प्रगतिशील) के प्रदेश मुख्य महामंत्री धर्मेन्द्र गहलोत ने बताया है कि राज्य सरकार द्वारा उप प्रधानाचार्य का पद डाइंग कैडर घोषित करने से अब उप प्रधानाचार्य का पद समाप्त होने से पदोन्नति का एक अवसर पूर्ण रूप से खत्म हो जायेगा । जिससे शिक्षकों को भारी नुक़सान उठाना पड़ेगा जो साथ छात्र हित के विरूद्ध निर्णय है क्योंकि उप प्रधानाचार्य पद विद्यालय की प्रशासनिक व्यवस्था की रीड़ मानी जाती थी। अब सीनियर हायर सैकण्डरी स्कूलो की प्रशासनिक व्यवस्था चौपट हो जायेगी। तत्कालीन गहलोत सरकार ने उप प्रधानाचार्य का पद प्रशासनिक व्यवस्था एवं विद्यालय में बढ़ते ऑनलाईन कार्य से प्रधानाचार्य को अकेले शिक्षण व्यवस्था का जिम्मा सम्भालना पड़ता था। उप प्रधानाचार्य का पद स्वीकृत होने से छात्र हित में विद्यालय का वातावरण सुधरा था। लेकिन राज्य सरकार द्वारा उप प्रधानाचार्य का पद समाप्त करना शिक्षक एवं छात्रहित विरोधी निर्णय शिक्षक समाज के साथ बहुत बड़ा घोखा है। उप प्रधानाचार्य का पद समाप्त कर वरिष्ठ व्याख्याता का पद सृजन करना किसी भी स्थिति में छात्र व शिक्षक हित में नहीं है। क्योंकि वरिष्ठ व्याख्याता कोई प्रशासनिक पद नहीं है। ऐसे में सरकार द्वारा उठायें निर्णय पर राज्य के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा को गम्भीरता पूर्वक विचार कर स्कूल के लिए छात्र व शिक्षक हित में उप प्रधानाचार्य का पद यथावत रखे जाने की पुरजोर शब्दों में माँग की है।