
ब्यूरो आगर मालवाः गोवर्धन कुम्भकार।
ईदगाह, नूरानी मस्जिद में सामूहिक रूप से अदा की नमाज।
सभी वर्ग ने मिलकर इस त्यौहार की खुशियों को साझा किया और आपसी प्रेम और सद्भाव का संदेश दिया।
कानड़ः इंसानियत से बढ़कर धर्म नहीं है। इंसान को इंसान की भलाई के लिए ही कार्य करने चाहिए। ईद का पर्व हिंदू-मुस्लिम एकता की मिसाल पेश करता है। हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई, यह सब अलग-अलग मजहब हैं, लेकिन उसके पहले हम सब भारतीय हैं।
यह बात सोमवार को मीठी ईद की नमाज के दौरान नूरानी मस्जिद में मौलाना मोहमद रईस ने तकरीर में समाजजनों के बीच कही। रामपुरिया रोड स्थित ईदगाह पर आलिम फराजुल हसन ने नमाजियों से कहा ईद रोजा रखने वालों को खुदा की तरफ से दिया गया तोहफा है। ईद की नमाज तय समय में ईदगाह, नूरानी मस्जिद में सामूहिक रूप से हुई।
दिनभर चला सेवइयां का दौर।
नमाज के बाद सेवइयां का दौर घरों में चला। नमाज के समय टीआइ लक्ष्मणसिंह देवडा, नायब तहसीलदार मौजूद थे। ईद की नमाज होते ही सभी अधिकारियों ने मुस्लिम समाज के पदाधिकारियों और समाजजनों को ईद की मुबारकबाद दी। जामा मस्जिद से शहर काजी हाजी सरफराज अली, आलीम फराजुल हसन समाजजनों के साथ ढोल-ढमाकों के साथ ईदगाह पहुंचे। नमाजज पढ़कर आ रहे मुस्लिम समाजजनों का पार्षद कैलाश परिहार, सिद्धनाथ चौधरी, पार्षद दरबारसिंह आर्य, देवकरण बीजापारी, श्याम गुर्जर, राजेश आर्य ने शहर काजी सरफराज अली, आलिम फराजुल हसन, सैयद मुशर्रफ हुसैन, अनवर खान, लतीफ गौरी, सैयद नासिर अली, रज्जाक अजमेरी, सैयद सलीम हुसैन, असलम शिशगर, यूसुफ मनिहार, मकबूल मंसूरी, सलीम पठान, भय्यू शिशगर का सरोफा बांधकर स्वागत किया। नगर परिषद अध्यक्ष प्रतिनिधि बाबूलाल बीजापारी, पार्षद ओमप्रकाश पालीवाल, कन्हैयालाल परमार, कालूसिंह बीजापारी, रमेश सूर्यवंशी, दिनेश अंकल, बनेसिंह चौहान सहित अन्य नगरवासी मौजूद थे।