महाकुंभ में रचनाकार जबलपुर की संस्कृति से परिचित होंगे -‌ कवि संगम त्रिपाठी।

Spread the love

महाकुंभ में रचनाकार जबलपुर की संस्कृति से परिचित होंगे -‌ कवि संगम त्रिपाठी।

 

जबलपुरः   हिंदी महाकुंभ 30 जनवरी 2025 को प्रेरणा हिंदी प्रचारिणी सभा कला विथिका रानी दुर्गावती संग्रहालय भंवरलाल गार्डन में प्रातः 11.00 बजे से प्रारंभ कर रही है। हिंदी महाकुंभ में देशभर से हिंदी प्रतिनिधि शामिल हो रहे हैं जो संस्कारधानी जबलपुर की संस्कृति से परिचित होंगे। रानी दुर्गावती संग्रहालय व विश्व प्रसिद्ध भेड़ाघाट जबलपुर का पर्यटन स्थल है जहां से इस नगर की संस्कृति को भली भांति जाना जा सकता है।

हिंदी महाकुंभ में कवयित्री कविता नेमा सिवनी, अंजलि तिवारी मिश्रा जगदलपुर बस्तर, फराह नसीम केरल व संदीप सक्सेना जबलपुर मध्यप्रदेश विशेष रुप से शामिल हो रहे हैं।

कवि संगम त्रिपाठी ने संस्कारधानी जबलपुर के साहित्य मनीषियों, कवि, कवयित्रियों व पत्रकारों से अपील की है कि इस हिंदी महाकुंभ के आयोजन को सफल बनाने में सहयोग प्रदान करें।

  • Related Posts

    भारत ही नहीं विश्व की प्रमुख भाषा है हिन्दी।

    Spread the love

    Spread the loveसंदीप सृजन।           भारत ही नहीं विश्व की प्रमुख भाषा है हिन्दी। हिंदी भारत की राजभाषा होने के साथ-साथ विश्व की प्रमुख भाषाओं में…

    तकनीक और हिन्दी: आवश्यक है भाषा सत्याग्रह। 

    Spread the love

    Spread the loveविवेक रंजन श्रीवास्तव।                   विश्व हिंदी दिवस पर विशेष  तकनीक और हिन्दी: आवश्यक है भाषा सत्याग्रह।  10 जनवरी विश्व हिंदी…

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    You Missed

    भारत ही नहीं विश्व की प्रमुख भाषा है हिन्दी।

    • By User
    • January 9, 2025
    • 5 views
    भारत ही नहीं विश्व की प्रमुख भाषा है हिन्दी।

    ऊखीमठः मदमहेश्वर – पाण्डव सेरा – नन्दीकुण्ड 25 किमी पैदल मार्ग के भूभाग को प्रकृति ने अपने दिलकश नजारों से सजाया व संवारा है!

    • By User
    • January 9, 2025
    • 8 views
    ऊखीमठः मदमहेश्वर – पाण्डव सेरा – नन्दीकुण्ड 25 किमी पैदल मार्ग के भूभाग को प्रकृति ने अपने दिलकश नजारों से सजाया व संवारा है!

    जीवन में मौन कितना जरूरी।         

    • By User
    • January 9, 2025
    • 6 views
    जीवन में मौन कितना जरूरी।          

    वर्ष 2025 केदारनाथ यात्रा को सुव्यवस्थित एवं सुगमता के साथ संपादित कराने के लिए जिलाधिकारी सौरभ गहरवार ने संबंधित अधिकारियों के साथ राष्ट्रीय राजमार्ग का किया स्थलीय निरीक्षण।

    • By User
    • January 9, 2025
    • 5 views
    वर्ष 2025 केदारनाथ यात्रा को सुव्यवस्थित एवं सुगमता के साथ संपादित कराने के लिए जिलाधिकारी सौरभ गहरवार ने संबंधित अधिकारियों के साथ राष्ट्रीय राजमार्ग का किया स्थलीय निरीक्षण।

    तकनीक और हिन्दी: आवश्यक है भाषा सत्याग्रह। 

    • By User
    • January 9, 2025
    • 5 views
    तकनीक और हिन्दी: आवश्यक है भाषा सत्याग्रह। 

      ‘सुरभित आसव मधुरालय का’ 8

    • By User
    • January 9, 2025
    • 4 views
      ‘सुरभित आसव मधुरालय का’ 8