नेकी         (लघु कथा)

  राजेंद्र रंजन गायकवाड        (सेवा निवृत्त) केंद्रीय जेल अधीक्षक                       (नया अध्याय, उत्तराखण्ड)          …

तू मुझे अपना बेटा सा लगता हैं।

  पीयूष गोयल  (दादरीवाला) दादरी, गौतमबुद्धनगर                       (नया अध्याय, देहरादून)       तू मुझे अपना बेटा सा लगता है।  …

ब्रह्मचारिणी की तपस्या में, ज्ञान का दीप जलता है..साधना के पथ पर!

  सुश्री सरोज कंसारी कवयित्री/लेखिका/शिक्षिका नवापारा/राजिम रायपुर, (छत्तीसगढ़)                         (नया अध्याय, देहरादून)              …

तरीके आपने खुद ढूँढने हैं।

  पीयूष गोयल  (दादरीवाला) दादरी, गौतमबुद्धनगर                       (नया अध्याय, देहरादून)       तरीके आपने खुद ढूँढने हैं।   मेरे पिता…

UGC इक्विटी रेगुलेशन 2026: सामाजिक न्याय के नाम पर ‘संवैधानिक संतुलन’ से समझौता?

  ✍🏿 आशीष त्रिवेदी, अधिवक्ता (सिविल कोर्ट मुजफ्फरपुर)                 (नया अध्याय, देहरादून)   UGC इक्विटी रेगुलेशन 2026: सामाजिक न्याय के नाम पर ‘संवैधानिक…

अंकों के जादूगर महान गणितज्ञ श्रीनिवास रामानुजन        

  प्रमोद दीक्षित मलय                         (नया अध्याय, देहरादून)     अंकों के जादूगर महान गणितज्ञ श्रीनिवास रामानुजन    …

“विनम्रता, सहनशीलता व झुकने की क्षमता—ये दुर्बलता के नहीं, बल्कि मनुष्य के वास्तविक आंतरिक बल व श्रेष्ठ गुणों के परिचायक हैं।” – सुश्री सरोज कंसारी।

         सुश्री सरोज कंसारी मानवीय संवेदनाओं से ओत-प्रोत कवयित्री, लेखिका एवं अध्यापिका समाज-सेविका, नवापारा-राजिम रायपुर, छत्तीसगढ़।           “विनम्रता, सहनशीलता व झुकने की क्षमता—ये…

“संगठन का सृजन: जहाँ नेतृत्व की दृष्टि जागे, वहाँ समूह की शक्ति जागे, – सुश्री सरोज कंसारी।

  सुश्री सरोज कंसारी मानवीय संवेदनाओं से ओत-प्रोत कवयित्री, लेखिका एवं अध्यापिका समाज-सेविका, नवापारा-राजिम रायपुर, छत्तीसगढ़।         “संगठन का सृजन: जहाँ नेतृत्व की दृष्टि जागे, वहाँ समूह…

भारत का संविधान

  राजेंद्र रंजन गायकवाड  (सेवा निवृत्त) केंद्रीय जेल अधीक्षक, छत्तीसगढ़।                               संस्मरण 20       …

मनकी बात : ठंड, कैलेंडर और सत्ता की गर्मी

  प्रभारी सम्पादक (म. प्र.): राजेन्द्र सिंह जादौन।       व्यंग्य   मनकी बात : ठंड, कैलेंडर और सत्ता की गर्मी       कल रात ठंड इतनी बर्बर…