संजय एम तराणेकर
(कवि, लेखक व समीक्षक)
इन्दौर, (मध्य प्रदेश)
शुभांशु की यात्रा ‘तिरंगे’ की उड़ान…!
शुभांशु की यात्रा से ‘तिरंगे’ की उड़ान,
आकाश में अथाह गहराइयाँ हैं खान।
राष्ट्र आकांक्षाओं व सपनों की चमक,
प्रज्वलित हैं अंतरिक्ष स्टेशन में धमक।
18 दिन की ‘साहसिक यात्रा’ हुई पूरी,
ये इतिहास बन स्प्लैशडाउन नापी दूरी।
शुभांशु की यात्रा से ‘तिरंगे’ की उड़ान,
आकाश में अथाह गहराइयाँ हैं खान।
ये न केवल अंतरिक्ष यात्री की वापसी,
देश के विश्वास व संकल्प की आरती।
भारतीयों की महत्वाकांक्षा की विजय,
स्वर्णिम अक्षरों में अंकित होगी अजय।
शुभांशु की यात्रा से ‘तिरंगे’ की उड़ान,
आकाश में अथाह गहराइयाँ हैं खान।
अंतरिक्ष कार्यक्रम को वैश्विक मंच पर,
ये अभूतपूर्व गौरव हासिल सौ टंच पर।
राकेश शर्मा के बाद ही दूसरे भारतीय,
शुभांशु शुक्ला रहें पूरी टीम के सारथी।







