शिक्षक एवं साहित्यकार
गुरुदीन वर्मा (जी.आजाद)
बारां (राजस्थान)
कावड़ उठा चल शिव दरबार
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(शेर)- छोड़ो सारे काम जीवन के, कावड़ उठा चलो शिव दरबार।
शिव दर्शन, शिव पूजा से होंगे, सपनें सभी सबके साकार।।
बनती है बिगड़ी किस्मत लोगों की, सच में शिव के वरदान से।
कावड़ उठा चलो शिव दरबार, करते शिव की जय जयकार।।
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चलो चलो तुम शिव भक्तों, कावड़ उठाकर शिव दरबार।
पाने को शिव से वरदान, करते चलो तुम जय जयकार।।
हर हर महादेव, हर हर महादेव/ हर हर महादेव, हर हर महादेव//
चलो चलो तुम शिव भक्तों——————-।।
सावन है शिव का महीना, कावड़ का है यह महीना।
शिव है आदि, शिव है अनादि, नहीं जगत शिव के बिना।।
दयावान- कल्याणकारी, कहता है शिव को संसार।
हर हर महादेव, हर हर महादेव/ हर हर महादेव, हर हर महादेव//
चलो चलो तुम शिव भक्तों——————–।।
होगा उद्धार शिव पूजा से ही, इस जगत में तुम्हारा।
तेरे दुःख और संकट में भी, शिव ही होंगे तेरा सहारा।।
शिव से ही होगा सुखी, और समृद्ध तेरा परिवार।
हर हर महादेव, हर हर महादेव/ हर हर महादेव, हर हर महादेव//
चलो चलो तुम शिव भक्तों——————–।।
छोड़ो बहाने, सारे काम, शिव की कावड़ उठाने में।
नहीं मिलेगा ऐसा अवसर, शिव के दर्शन पाने में।।
चमकेगी किस्मत तुम्हारी, शिव के देख चमत्कार।
हर हर महादेव, हर हर महादेव/ हर हर महादेव, हर हर महादेव//
चलो चलो तुम शिव भक्तों——————-।।







