संजय सोंधी
(संयुक्त सचिव)
भूमि एवं भवन विभाग
दिल्ली सरकार।
विभीषण के पवित्र मंदिर धर्म और भक्ति का अनुपम संगम।
विभीषण, रावण के छोटे भाई और रामायण के महान पात्र, जो धर्म, सत्य और भक्ति के प्रतीक हैं, विश्व में कुछ चुनिंदा मंदिरों में पूजे जाते हैं। ये मंदिर न केवल उनकी भक्ति को जीवंत रखते हैं, बल्कि भारत और श्रीलंका की सांस्कृतिक धरोहर को भी दर्शाते हैं।
1. श्री विभीषण मंदिर, कन्याकुमारी, तमिलनाडु
थोट्टामुणई, मारुथानकुलम, कन्याकुमारी।
यह विश्व का सबसे प्रसिद्ध विभीषण मंदिर है। मान्यता है कि यहाँ की स्वयंभू मूर्ति स्वयं प्रकट हुई थी। कहा जाता है कि विभीषण कन्याकुमारी में अशोक चक्रवर्ती की मूर्ति की रक्षा करते हैं।
वैष्णव परंपरा पर आधारित यह मंदिर सादगी और आध्यात्मिकता का प्रतीक है। रामानुज संप्रदाय से जुड़ा यह मंदिर भक्तों के लिए शांति और भक्ति का केंद्र है।
2. केलाचारम कोट्टई विभीषण मंदिर, श्रीलंका
केलानिया, कोलंबो के निकट।
यह मंदिर श्रीलंका में विभीषण के संरक्षक देवता होने की मान्यता को दर्शाता है। रामायण के अनुसार, यह क्षेत्र विभीषण के शासन में था। पारंपरिक श्रीलंकाई शैली में निर्मित, यह मंदिर रंगीन भित्तिचित्रों और स्थानीय कला से सजा है। तमिल समुदाय के बीच अत्यधिक लोकप्रिय, यहाँ वार्षिक उत्सव भक्तों को आकर्षित करते हैं।
3. विभीषण मंदिर, नागपट्टिनम, तमिलनाडु
नागपट्टिनम शहर।
मान्यता है कि विभीषण ने यहाँ भगवान शिव की आराधना की थी। यह मंदिर कायारोहणास्वामी मंदिर के निकट है। दक्षिण भारतीय मंदिर शैली में निर्मित, यह मंदिर छोटा लेकिन आध्यात्मिक रूप से समृद्ध है। यहाँ की शांतिपूर्ण वातावरण भक्तों को ध्यान और प्रार्थना के लिए प्रेरित करता है।
4. विभीषण मंदिर, कोडिकराई, तमिलनाडु
कोडिकराई (पॉइंट कैलिमेयर), नागपट्टिनम।
यह स्थान रामसेतु के निर्माण से जुड़ा है। विभीषण ने यहाँ भगवान राम की पूजा की थी। प्राकृतिक सौंदर्य से घिरा यह छोटा मंदिर सादगी का प्रतीक है। प्राकृतिक अभयारण्य के बीच यह मंदिर पर्यटकों और भक्तों दोनों को आकर्षित करता है।


5. विभीषण मंदिर, मंदूर, केरल
मंदूर, कासरगोड।
केरल में विभीषण को समर्पित यह दुर्लभ मंदिर स्थानीय भक्ति का प्रतीक है।केरल की पारंपरिक मंदिर शैली में निर्मित।शांत और एकांत वातावरण में बसा यह मंदिर भक्तों को आध्यात्मिक शांति प्रदान करता है।
6. विभीषण मंदिर, थिरुवनंतपुरम, केरल
थिरुवनंतपुरम, पद्मनाभस्वामी मंदिर के समीप।
यह मंदिर विभीषण की भक्ति को दर्शाता है और रामायण से इसका गहरा नाता है। केरल की समृद्ध मंदिर कला से युक्त। यह मंदिर भक्तों को थिरुवनंतपुरम की आध्यात्मिक यात्रा का हिस्सा बनाता है।
7. विभीषण मंदिर, मदुरै, तमिलनाडु
मीनाक्षी अम्मन मंदिर के निकट, मदुरै।
मान्यता है कि विभीषण ने मदुरै की यात्रा की थी। द्रविड़ शैली में निर्मित, यह मंदिर सांस्कृतिक धरोहर को दर्शाता है। मीनाक्षी मंदिर के निकट होने से यह भक्तों के लिए विशेष आकर्षण है।
8. विभीषण मंदिर, रामेश्वरम, तमिलनाडु
रामेश्वरम।
रामायण से जुड़े इस स्थान पर विभीषण ने भगवान राम की पूजा की थी।दक्षिण भारतीय शैली में निर्मित यह मंदिर भव्य और पवित्र है।रामेश्वरम के तीर्थ स्थल का हिस्सा होने से यह मंदिर विशेष महत्व रखता है।
9. विभीषण मंदिर, कैथून, राजस्थान
कैथून, कोटा।
यह मंदिर लगभग 2000 वर्ष पुराना है जो विशेष रूप से विभीषण को समर्पित है। मान्यता है कि मूर्ति प्रतिवर्ष जौ के दाने के बराबर धंसती है, जो एक चमत्कार माना जाता है। प्राचीन भारतीय शैली में निर्मित, विशाल मूर्ति आकर्षण का केंद्र है। होली के अवसर पर यहाँ सात दिवसीय मेला लगता है, जो भक्तों को आकर्षित करता है।
विभीषण के ये मंदिर धर्म, भक्ति और रामायण की कथा को जीवंत रखते हैं। ये न केवल आध्यात्मिक केंद्र हैं, बल्कि भारत और श्रीलंका की सांस्कृतिक धरोहर का भी प्रतीक हैं।
(यह आलेख लेखन सहायक जितेंद्र सिंह की सहायता से लिखा गया है।)







