काशी के शिक्षक डॉ श्रवण कुमार गुप्त ग्लोकल विश्वविद्यालय में शिक्षा रत्न सम्मान 2024 से होंगे सम्मानित

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ब्यूरो: सुनील चिंचोलकर,  बिलासपुर (छत्तीसगढ़)

काशी के शिक्षक डॉ श्रवण कुमार गुप्त ग्लोकल विश्वविद्यालय में शिक्षा रत्न सम्मान 2024 से होंगे सम्मानित।

बनारस: ग्लोकल विश्व विद्यालय सहारनपुर उत्तर प्रदेश की अखिल भारतीय शिक्षा सम्मेलन 2024 में अपने काशी के नवाचारी विज्ञान शिक्षक डॉ श्रवण कुमार गुप्त सहायक अध्यापक कम्पोजिट विद्यालय देहली विनायक सेवापुरी वाराणसी को शिक्षा रत्न सम्मान 2024 से दिनांक 14 जुलाई 2024 को सम्मानित किया जाएगा।
यह सम्मान शिक्षा के क्षेत्र में समर्पित होकर विशिष्ट प्रकार से शिक्षण करने के लिए दिया जाता है। डॉ श्रवण कुमार गुप्त द्वारा अपने 25 वर्षों के शैक्षिक उच्च जीवन में बेसिक शिक्षा विभाग उत्तर प्रदेश के गुणवत्ता संवर्धन हेतु राज्य स्तरीय,जनपदीय एवं ब्लॉक स्तरीय शिक्षक प्रशिक्षक एवं विभिन्न सेवारत प्रशिक्षण का क्रियान्वयन कराया गया है। कम्पोजिट विद्यालय देहली विनायक मे कांसेप्ट मैपिंग द्वारा विज्ञान शिक्षण हेतु एन सी ई आर टी नई दिल्ली द्वारा नेशनल इनोवेटिव एवार्ड से भी सम्मानित किया गया है। अपने विद्यालय में विज्ञान प्रयोगशाला की स्थापना एवं राष्ट्रीय आय एवं योग्यता आधारित छात्रवृति परीक्षा में मेंटर की भूमिका का निर्वहन किया गया है। राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट शिक्षा सेवा सम्मान, द चाकलिट टीचर इयर एवार्ड, गिजू भाई बधेका शिक्षक सम्मान जैसे अनेकों पुरस्कारों से सम्मानित किया गया है। डॉ श्रवण कुमार गुप्त सदैव शिक्षकों एवं बच्चों के सिखने सिखाने की प्रक्रिया को प्रभावी बनाने के लिए शिक्षा में शून्य निवेश नवाचार का प्रयोग करते हैं। इनकी शिक्षा के प्रति मेहनत और प्रतिबद्धता के लिए राष्ट्रीय स्तर पर भारत सरकार के शिक्षा मंत्री, सचिव, मुख्य मंत्री उत्तर प्रदेश, महानिदेशक स्कूली शिक्षा द्वारा भी सम्मानित किया गया है।
इन्हें पुरस्कृत करते हुये विश्व विद्यालय को हर्ष हो रहा है इस आशय का पत्र विश्व विद्यालय से पोस्टल से प्राप्त हुआ है। इनके सम्मान प्राप्त होने से बेसिक शिक्षा विभाग वाराणसी उत्तर प्रदेश में हर्ष का माहौल है। विद्यालय परिवार में खुशी के लहर दौड़ गयी। श्रवण जी के चयनित होने पर डायट प्राचार्य डॉ उमेश कुमार शुक्ल,बी.एस.ए. डॉ.अरबिंद कुमार पाठक एवं खंड शिक्षा अधिकारी सेवापुरी संजय कुमार यादव ने शुभकामनाएं दी। उनकी इस उपलब्धि पर काशी को गर्व है।

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