सुश्री सरोज कंसारी
कवयित्री एवं लेखिका, अध्यापिका
नवापारा-राजिम, रायपुर,छ. ग.।
(नया अध्याय, देहरादून)
“प्रेम की ज्योत: जीवन का अंधकार मिटाए।”- सुश्री सरोज कंसारी।
वर्तमान में किसी को मानसिक पीड़ा पहुँचाना अथवा हृदय दुखाना एक सहज कृत्य बन गया है, जो कि सबसे बड़ा पाप है संसार का। आधुनिकता की दौड़ में हमने सादगी खो दी है तथा दिखावा, लोभ तथा स्वार्थ को अपना लिया है। व्यक्तिगत सुख को अधिक महत्व देने से मानवीय संवेदनाएँ आहत हो रही हैं, तथा पारस्परिक प्रेम व समर्पण की भावनाएँ क्षीण हो रही हैं। भोग-विलास पूर्ण जीवन में इतने मस्त रहते हैं कि धर्म अध्यात्म, संस्कार से दूर होते जा रहे हैं। अपनी जिम्मेदारियों के प्रति ईमानदार होकर मानव मात्र के प्रति कल्याण के भाव रखें तो विभिन्न चुनौतियों के बीच भी हम नया रास्ता निकाल सकते हैं। सरल मन में ही उम्मीद की दीप प्रज्ज्वलित होती है। जीवन के इस सफर में नित नए परिवर्तन होते हैं, कुछ सुखद तो कुछ दुखद अनुभव हमें मिलते हैं। तोड़कर हर कुंठित विचारों को आगे बढ़ने का नाम है जिंदगी। हर बात पर मायूस मत होना, दर्द में ही जिन्दगी की हर खूबसूरती समाहित होती हैं। कुछ पाना है तो निडर बने। हृदय में प्रेम भरिए और हर पल में जीवन का एक उद्देश्य हो। रिश्ते में मधुरता और खुद पर विश्वास ही जीवन को उत्कृष्ट बनाने में सहायक है। बाह्य सुख के लिए, आंतरिक शांति को नष्ट मत किजिए। मन में सकारात्मक भाव रखने से हर पल आशान्वित होता हैं, जिसमें परेशानियों के बीच से होकर जिंदगी निखरती है। साहस का संचार किजिए,कुछ कर दिखाने का हौसला रखिए । हर सांस में जिंदगी है। यही एक अवसर है। अमूल्य पल का ही हमें सदुपयोग करना है। प्रेम के अभाव में जिंदगी हर पल जलती है। आपका जीवन बहुमूल्य है, इसे बर्बाद न करें। किसी तरह का द्वंद न हो अंतर्मन में इसके लिए मन से हर तरह के दुर्भावों को मिटा दिजिए। हमारे आसपास ऐसे कई लोग हैं जो सिर्फ नफरत को बढ़ावा देने का काम करते हैं। जब हम अपनी सोच के विपरीत व्यवहार पाकर, किसी असफलता से या अन्य सामाजिक, आर्थिक हानि से अति क्रोधित उत्तेजित हो जाते है, अपने जिद पर अड़ जाते हैं, समझौता करने को तैयार नहीं होते, अपने माहौल में सामंजस्य स्थापित नहीं कर पाते तब जिंदगी से हर पल हारे हुए महसूस करते हैं। दुखद घड़ी में अति भावुक होने की बजाएं समय के अनुसार निर्णय लेना जरूरी है। जरा सी समझदारी हमें प्रतिकूल परिस्थिति से निकलने में मदद करती हैं। सभी के साथ हमे सहयोग बनाएं रखना आवश्यक है।
किसी बात की सच्चाई जाने बिना अपने मन को अति व्याकुल मत किजिए। परेशान होकर जिंदगी का सफर कठिन हो जाता है। ज्यादा सोचकर चिंतित मत रहिए । जीवन को अधिक गहराई से पढ़ें। गहन, चिंतन किजिए मन में पवित्र भाव रखिए फिर कोई निष्कर्ष निकालें। गमगीन परिस्थिति के बीच सुकून स्थापित करने का प्रयास किजिए। जिंदगी हर पल हमें कुछ नया देती हैं तो, कुछ छीन भी लेती है। लेने और देने के सिलसिले चलते रहते हैं। हर तरह की बाते होती हैं कुछ कड़वाहट से भरी तो, कुछ मिठास लिए होती हैं। समय-समय की बात है, हर परिस्थिति में हमें एक नई ऊर्जा खुद में प्रवाहित करना होगा। प्रत्येक क्षण में कई तरह की घटनाओं के साथ ही जीवन यापन करना होता हैं यही जिंदगी हैं। मायूस होकर जाएंगे कहां? जीवन धारा में, निरंतर दुख-सुख साथ बहते हैं। तभी हमें नए अनुभव ताजगी सक्रियता उम्मीद बनी रहती है। संघर्ष का पथ भले ही कठिन होता हैं लेकिन इस राह पर चलने से जीवन का हर लम्हा उत्कृष्ट बनता हैं। इन आंखों से हमें जीवन के हर रंग को देखना हैं उसमें ढलना हैं डूबना हैं निकालना हैं। चाहे जो भी हालात हो सामना करना हैं। जिंदगी के प्रति अपना नजरिया एकदम स्पष्ट स्वस्थ सरल हो असमंसज में मत रहिए सोचिए जो हैं उससे कैसे सहेजना हैं, बस टूटने मत देना स्वभाव हमेशा विनम्रता रखिए किसी को चुभ जाएं दुखी हो उदास हो जाए ऐसी कटु बातों से बचिए। कभी घृणा मत किजिए किसी से कोई आपसे गलत करते हैं उन्हें माफ करते चलिए। मन से सदा प्रसन्न रहने का प्रयास करें। हमारा मन ही हमारे सभी सुखों और दुखों का मूल कारण है। मन की स्थिरता और सकारात्मकता ही जीवन की सबसे बड़ी कुंजी है। दुखों की जड़ है, जब मन अस्थिर या नकारात्मक विचारों से भरा होता है, तो दुःख उत्पन्न होते हैं। प्रेम की शक्ति: जीवन में प्रेम की कमी व्यक्ति को भावनात्मक और शारीरिक रूप से रोगी बना सकती है। हमें अपने अंतर्मन में प्रेम को निरंतर संजोए रखना चाहिए। हज़ारों दुखों व चुनौतियों के बीच भी जीवन अत्यंत अनमोल है। यह बहुत लम्बा नहीं है, इसलिए हर पल को जीना महत्वपूर्ण है। हर कदम पर अपने आत्मीयता मित्रवत, कोमल स्वभाव का स्पर्श सभी को देते रहें। यही मानवीय भाव जीवन के प्रति आपको सदैव उत्साहित रहने के लिए प्रेरित करेंगी। अपनी मन-मस्तिष्क में दर्द की शिकायतों और बेवजह की बातों की चिंता भरकर उसे बोझिल मत बनाइए। जीवन का और भी दूसरा पक्ष है, जहां प्रेम, सहयोग व मित्रता और आत्मीयता के होने का प्यार-सा अहसास होता है। सिर्फ आह! और उफ! में मत गुजारिए। जीवन तभी सुंदर प्रतीत होगा जब अपनी पसंद की जीवन जीने के लिए, समय निकालेंगे। किसी एक दुखद बात को लेकर जिंदगी भर गम को ढोते मत रहिए। हालांकि आसान नहीं होता किसी दुखद यादों, बातों और घटनाओं से निकलना, खुद को मना लेना और खुश रहना। मन में कई तरह की भावनाएं उठती हैं, जो हमें कभी विचलित करती हैं, तो कभी भविष्य के प्रति आशान्वित। जीवन और मरण के इस क्रम में हमें एक नई जीवन शैली निर्मित करनी होती है। “जब तक जीवन है, कुछ भी समाप्त नहीं होता। हम भले ही किसी बात से मन ही मन टूट जाएँ, प्रियजन बिछड़ जाएँ, या गहन मानसिक पीड़ा और यातनाएँ सहें, और कभी-कभी हार भी मान लें; फिर भी, जीवन का हर शेष दिन एक नया अवसर है— फिर से जीने का, नई खुशियों को पाने का मार्ग सदा खुला रहता है।”
नारी शक्ति, अस्मिता की एक सशक्त प्रतीक :







