संवाददाताः संतोष कुमार चतुर्वेदी
(नया अध्याय, देहरादून)
UGC 2026 के विरुद्ध आंदोलन में लहू का आखिरी कतरा भी समर्पित रहेगा केसरिया भारत।
यूजीसी इक्विटी रेगुलेशन बिल-2026 के विरोध में केसरीया भारत का ज्ञापन।
वाराणसीःयूजीसी इक्विटी रेगुलेशन बिल-2026 में पारित एकपक्षीय प्रावधानों के विरोध में
सामाजिक संगठन केसरीया भारत की ओर से प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी वाराणसी के माध्यम से सौंपा गया।
ज्ञापन में संगठन के प्रदेश अध्यक्ष गौरिशंकर सिंह एवं प्रमुख संयोजक कृष्णानंद पाण्डेय ने कहा कि उक्त बिल समाज को विभाजित करने वाला है और यह सामान्य वर्ग के छात्रों के हितों के खिलाफ है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस कानून से उच्च शिक्षण संस्थानों का शैक्षणिक माहौल प्रभावित होगा तथा कैंपस में असंतोष, भेदभाव और टकराव की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।
उन्होंने कहा कि यूजीसी का उद्देश्य भेदभाव को समाप्त करना होना चाहिए, न कि किसी वर्ग को असुरक्षित करना। भारतीय न्याय संहिता-2023 में पहले से ही भेदभाव से जुड़े मामलों के लिए पर्याप्त प्रावधान मौजूद हैं, ऐसे में अलग से समता समिति बनाने की आवश्यकता नहीं है।
संगठन ने मांग की कि यूजीसी इक्विटी रेगुलेशन बिल-2026 को तत्काल वापस लिया जाए, ताकि शिक्षा व्यवस्था में समानता, निष्पक्षता और समरसता बनी रह सके।
प्रदर्शन में प्रमुख रूप से शिवम उपाध्याय, प्रवीण मिश्रा, हर्ष पांडेय, ऋषभ सिंह, आदर्श पाठक, हर्ष सिंह, अनिल मिश्रा, राजेश त्रिपाठी, आनंद मिश्रा, विशाल उपाध्याय, राज मंगल पाण्डेय , अरुण चौबे, शुभम पाण्डेय, गौरव मिश्र, राकेश त्रिपाठी, उपस्थित रहे।







