सम्पादक रुद्रप्रयागः लक्ष्मण सिंह नेगी
(नया अध्याय)
ऊखीमठः प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की ‘अर्थ गंगा’ की परिकल्पना को साकार करने हेतु राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन द्वारा भारतीय वन्यजीव संस्थान को जलज परियोजना का दायित्व सौंपा गया, जिसमें स्थानीय समुदाय ‘गंगा प्रहरी’ के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। जलज परियोजना नदियों और लोगों को जोड़ते हुए सतत आजीविका, संस्कृति और संरक्षण को सुदृढ़ करती है। इसी क्रम में 25 जलज केंद्रों का उद्घाटन विगत दिनो केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री सी. आर. पाटिल के द्वारा विधिवत दिल्ली में किया गया। पूरे देश में 25 केंद्रों में उत्तराखंड के 8 जलज केन्द्र शामिल हैं। जलज परियोजना के अंतर्गत पारंपरिक आजीविकाओं और संस्कृति के पुनर्जीवन का एक उदाहरण ‘जलज वासुकी होम स्टे त्रियुगीनारायण रुद्रप्रयाग’ है। त्रियुगीनारायण में जलज केन्द्र का शुभारंभ प्रधान रुचि गैरोला व क्षेत्र पंचायत सदस्य सुमन द्वारा विधिवत किया गया। जलज केन्द्र के उद्धाटन अवसर पर भारतीय वन्यजीव संस्थान देहरादून जलज परियोजना कार्यक्रम समन्वयक जया नेगी ने बताया कि जलज परियोजना के अंतर्गत डेस्टिनेशन वेडिंग के तहत जलज वासुकी होमस्टे, मांगलिक गीत समूह, पारंपरिक जैविक उत्पाद की मिलेट्स मिठाई समूह, ब्यूटीशियन समूह, नर्सरी समूह है जो अपनी सेवाएं यहां की शादी समारोह में प्राकृतिक संरक्षण का संदेश देते हुए कार्य कर रहे हैं साथ ही चार धाम यात्रा के दौरान अवेयरनेस एक्टिविटी वह स्वच्छता अभियान गंगा प्रहरियों द्वारा समय-समय पर चलाई जाती है जिसमें स्थानीय लोगों का सहयोग भी गंगा प्रहरियों को किया जाता है। प्लास्टिक उन्मूलन वह नव दंपति के द्वारा वृक्षारोपण भी गंगा प्रहरियों पर्यावरण संरक्षण की एक नई पहल की गई है। उन्होने कहा कि शिव -पार्वती विवाह स्थल त्रियुगीनारायण में जलज केन्द्र का शुभारंभ होने से स्थानीय उत्पादो को बढ़ावा मिलेगा तथा पौराणिक मांगलिक गीतो के संरक्षण व संवर्धन की अनूठी पहल होगी। प्रधान रूचि गैरोला ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी व केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री सी आर पाटिल के प्रयासो से जलज केन्द्रो का विधिवत शुभारंभ हो चुका है तथा इन जलज केन्द्रों का लाभ त्रियुगीनारायण के हर जनमानस को मिलेगा। क्षेत्र पंचायत सदस्य सुमन देवी ने कहा कि जलज केन्द्रों के माध्यम संचालित होने वाली अनेक योजनाओं का लाभ केदार घाटी के हर जनमानस को मिलेगा जिससे नदियो का पावन वेग स्वच्छ व निर्मल होने के साथ पर्यावरण संरक्षण व संवर्धन की जिम्मेदारी के प्रति हर व्यक्ति सजग रहेगा। इस मौके पर सामाजिक कार्यकर्ता दिवाकर गैरोला, महेन्द्र प्रसाद सेमवाल, विशेश्वरी देवी, दर्शनी देवी, रश्मि देवी सहित अनेक महिलायें मौजूद रही।









