“धर्म-जाति से ऊपर उठकर इंसानियत की मिसाल बना श्री सत्यइंदिरा फाउंडेशन”
(नया अध्याय, देहरादून)
समाज के वंचित, असहाय और उपेक्षित वर्गों के लिए आशा की किरण बनकर उभरा श्री सत्यइंदिरा फाउंडेशन (SSIF) निरंतर मानवता, सेवा और समर्पण के मूल मंत्र के साथ कार्य कर रहा है।संस्था की संस्थापिका एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष सुनीता सारस्वत के कुशल नेतृत्व में फाउंडेशन धर्म, जाति और सामाजिक भेदभाव से ऊपर उठकर केवल इंसान और इंसानियत के लिए समर्पित भाव से सेवाकार्य कर रहा है।
श्री सत्यइंदिरा फाउंडेशन द्वारा झुग्गी-झोपड़ी में रहने वाले बच्चों की बुनियादी आवश्यकताओं-शिक्षा, वस्त्र एवं भोजन की समुचित व्यवस्था की जा रही है। SSIF पाठशाला एवं स्ट्रीट क्लासेज अभियान के माध्यम से बच्चों को शिक्षण सामग्री उपलब्ध कराकर उन्हें शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ा जा रहा है। वहीं बचपन बचाओ अभियान के अंतर्गत बाल मजदूरी से ग्रसित, अनाथ एवं शिक्षा से वंचित बच्चों का भविष्य संवारने हेतु सतत प्रयास किए जा रहे हैं।संस्था विधवा, एकल एवं बेसहारा महिलाओं को सहायता प्रदान करने के साथ-साथ महिलाओं और बच्चों को स्वयं की सुरक्षा, अधिकारों एवं शिक्षा के प्रति जागरूक कर रही है। अशिक्षित महिलाओं को साक्षर बनाना, कमजोर वर्गों को संबल देना तथा समाज के पिछड़े वर्ग के उत्थान के लिए SSIF की भूमिका सराहनीय है। SSIF अन्नदान सेवा योजना के अंतर्गत असक्षम एवं बेसहारा लोगों तक राशन सामग्री पहुँचाई जा रही है। साथ ही बीमार एवं जरूरतमंदों को चिकित्सीय सहायता एवं दवाइयाँ उपलब्ध कराई जा रही हैं। बेरोजगार युवाओं को निजी क्षेत्र में रोजगार दिलाने में सहयोग, जरूरतमंदों तक लाभ पहुँचाना भी संस्था के प्रमुख कार्यों में शामिल है। फाउंडेशन प्राकृतिक आपदाओं में राहत कार्यों, पशु-पक्षी, संरक्षण, पर्यावरण जागरूकता, दरिद्र नारायण सेवा रथ योजना, सैनिकों, भूतपूर्व सैनिकों एवं शहीद परिवारों की सहायता जैसे मानवीय दायित्वों का भी निर्वहन कर रहा है। डॉ.पी.यादव’ओज’, मुख्य संरक्षक, के मार्गदर्शन में श्री सत्यइंदिरा फाउंडेशन राजस्थान ही नहीं, बल्कि समाज के हर उस वर्ग तक पहुँचने का संकल्प लेकर आगे बढ़ रहा है। निस्संदेह, SSIF सेवा और संवेदनशीलता की एक सशक्त मिसाल बनकर समाज में सकारात्मक परिवर्तन की अलख जगा रहा।







