84 गांवों का प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खुद ही बदहाल स्थिति में नजर आ रहा है। डॉक्टर की कमी से झुंज रहा अस्पताल।

Spread the love

 

संवाददाता कानड़ः गोवर्धन कुम्भकार 

 

               (नया अध्याय, देहरादून)

 

 

         84 गांवों का प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खुद ही बदहाल स्थिति में नजर आ रहा है। डॉक्टर की कमी से झुंज रहा अस्पताल।

 

 

 

                  कानड़ः नगर सहित आसपास के 84 गांवों के लिए जीवनरेखा माने जाने वाला प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खुद ही बदहाल स्थिति में नजर आ रहा है। कागजों में सुविधाओं के विस्तार के दावे जरूर हुए। लेकिन जमीनी हकीकत अब भी मूलभूत जरूरतों से जूझती दिख रही है। सबसे बड़ी समस्या डॉक्टरों की भारी कमी है। जिसके चलते हजारों ग्रामीणों की सेहत दांव पर लगी हुई है।

 

अस्पताल में वर्तमान में केवल एक स्थाई डॉक्टर और एक अटैचमेंट डॉक्टर के भरोसे पूरा सिस्टम चल रहा है। हालात ऐसे हैं कि जैसे ही एक डॉक्टर अवकाश पर जाता है, दूसरे पर पूरा बोझ आ जाता है। दिन में ओपीडी और रात में एमएलसी जैसी गंभीर जिम्मेदारियां एक ही डॉक्टर को संभालनी पड़ती हैं, जो किसी भी स्थिति में पर्याप्त नहीं मानी जा सकती।

 

स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठ रहे सवाल

 

ग्रामीणों का कहना है कि 84 गांवों की आबादी के हिसाब से यहां पर्याप्त डॉक्टर, नर्सिंग स्टाफ और संसाधन होना जरूरी है। लेकिन जिम्मेदार अधिकारी अब तक स्थाई समाधान नहीं कर पाए हैं। ऐसे में मरीजों को या तो इंतजार करना पड़ता है या फिर मजबूरी प्रायवेट डॉक्टर या आगर अपना उपचार करवाने जाना मजबूरी बन जाती है।

 

पार्षद ने किया निरीक्षण,

 व्यवस्थाओं में सुधार के निर्देश

 

बुधवार को जन आरोग्य समिति की अध्यक्ष विजयलक्ष्मी माली ने अस्पताल का निरीक्षण किया। उन्होंने मरीजों से बातचीत कर सुविधाओं का फीडबैक लिया और लेबर वार्ड, पैथोलॉजी व ओपीडी का जायजा भी लिया।

 

गर्मी को देखते हुए लेबर वार्ड में कुलर लगाने के निर्देश दिए गए, जिस पर तत्काल नया कुलर लगाकर चालू भी कराया गया। इसके अलावा बंद पड़े एसी और खराब कुलरों को भी शुरू कराने के निर्देश दिए गए। अस्पताल में साफ-सफाई व्यवस्था को लेकर भी संबंधित स्टाफ को सख्त निर्देश दिए गए।

 

डॉक्टरों की कमी दूर करने का आश्वासन

 

विजयलक्ष्मी माली ने साफ कहा कि डॉक्टरों की कमी गंभीर समस्या है और इसे जल्द दूर करने के लिए वे जिला कलेक्टर, विधायक और सांसद से मुलाकात कर ठोस कदम उठाने का प्रयास करेंगी।

 

जब 84 गांवों की स्वास्थ्य जिम्मेदारी इस केंद्र पर है, तो आखिर कब तक एक-दो डॉक्टरों के भरोसे इलाज चलता रहेगा? अब देखना होगा कि जिम्मेदार अधिकारी इस गंभीर समस्या को कब तक नजरअंदाज करते हैं या जल्द कोई व्यवस्था होती हे।

 

इनका कहना 

 

पूर्व में भी मेरे द्वारा अधिकारियों को लिखा गया था। डॉक्टर की समस्या है तो एक बार फिर अधिकारियों को अवगत करवाकर, अच्छी व्यवस्था देने का काम करेंगे।

बीएमओ महेश निगवाल

  • Related Posts

    विनम्र निवेदन है कि 

    Spread the love

    Spread the love  राजकुमार कुम्भज, इन्दौर                 (नया अध्याय, देहरादून)            ______________________              विनम्र…

    किताबों की अनोखी दुनिया

    Spread the love

    Spread the love  लेखिका-इनाया यादव कक्षा-तीसरी बाल भारती पब्लिक स्कूल सीपत (बिलासपुर)             (नया अध्याय, देहरादून)     किताबों की अनोखी दुनिया   मेरी कल्पना…

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    You Missed

    विनम्र निवेदन है कि 

    • By User
    • May 9, 2026
    • 6 views
    विनम्र निवेदन है कि 

    किताबों की अनोखी दुनिया

    • By User
    • May 9, 2026
    • 13 views
    किताबों की अनोखी दुनिया

    जनसुनवाई से बढ़ा भरोसा, समाधान दिवस में प्रशासन ने सुनीं लोगों की समस्याएं।

    • By User
    • May 9, 2026
    • 17 views
    जनसुनवाई से बढ़ा भरोसा, समाधान दिवस में प्रशासन ने सुनीं लोगों की समस्याएं।

    श्री केदारनाथ धाम पहुंचे राज्यपाल गुरमीत सिंह, श्रद्धालुओं से किया संवाद, स्वच्छता एवं सुगम यात्रा व्यवस्था पर दिया विशेष जोर।

    • By User
    • May 9, 2026
    • 4 views
    श्री केदारनाथ धाम पहुंचे राज्यपाल गुरमीत सिंह, श्रद्धालुओं से किया संवाद, स्वच्छता एवं सुगम यात्रा व्यवस्था पर दिया विशेष जोर।

    पंजाब में शिक्षा अब सेवा नहीं मुनाफे का धंधा

    • By User
    • May 9, 2026
    • 16 views
    पंजाब में शिक्षा अब सेवा नहीं मुनाफे का धंधा

    झांसा वाली रानी..

    • By User
    • May 9, 2026
    • 16 views
    झांसा वाली रानी..