राजेंद्र रंजन गायकवाड (सेवा निवृत्त केंद्रीय जेल अधीक्षक) बिलासपुर, छत्तीसगढ़
(नया अध्याय, उत्तराखण्ड) (w)6395080071
अब तलक कायम है,
मेरी हसरतों का आशियाँ
तोड़ने की कोशिशों में ,
हाथ मल् जाते हैं लोग,,
फिर भी,,
हम रहम दिल क्या हुए
हर रोज़ छल जाते हैं लोग,,
बे- वफाओं के शहर में
बा -वफ़ा मिलते नहीं
ख़ुद परस्ती की डगर में
आदतन जाते हैं लोग,,
गोया,
हम रहम दिल क्या हुए
हर रोज छल जाते हैं लोग,,






