महाकवि अवधेश्वर अरुण बज्जिका सेवी सम्मान से सम्मानित हुए कठपुतली कलाकार- सुनील कुमार।

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ब्यूरो बिहार: कुमार संदीप

 

            (नया अध्याय, उत्तराखण्ड)                                             (w) 6395080071

 

      महाकवि अवधेश्वर अरुण बज्जिका सेवी सम्मान

से सम्मानित हुए कठपुतली कलाकार– सुनील कुमार।

 

         आज दिनांक 16.10.2026 को सरला श्रीवास सोशल कल्चरल रिसर्च फाउंडेशन की बैठक मालीघाट, मुजफ्फरपुर में संस्थान की संरक्षक एवं वरिष्ठ कठपुतली कलाकार श्रीमती कांता देवी की अध्यक्षता में आयोजित की गई।

        कांता देवी ने बताया कि अरुणादित्य ट्रस्ट एवं तथागत सांस्कृतिक फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में शहीद प्रमोद बी.एड. कॉलेज, माधोपुर सुस्ता, मुजफ्फरपुर के प्रांगण में ‘बज्जिका दिवस सह 26वाँ महाकवि अवधेश्वर अरुण बज्जिका सेवी सम्मान समारोह – 2026’ का गरिमामय आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत कुमार आदित्य ने मंगलाचरण के साथ की और ट्रस्ट के अभियान पर विस्तार से प्रकाश डाला। डॉ. यशवंत कुमार ने विषय प्रवेश कराया। प्रथम सत्र का मंच संचालन डॉ. रणवीर कुं. राजन एवं द्वितीय सत्र (कवि सम्मेलन सत्र) का संचालन सविता राज ने किया।बज्जिकांचल विकास पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री देवेन्द्र राकेश ने उद्घाटन वक्तव्य में बज्जिका भाषा के महत्व को रेखांकित किया।

      मुख्य वक्ता प्रसिद्ध आलोचक डॉ. रामप्रवेश सिंह ने कहा, “साहित्य के आगे लोक चलता है, उसके पीछे शास्त्र चलता है। अरुण जी लोक के चितेरे और सर्जक थे। बज्जिका रामायण के राम लोक जन में घुले-मिले रहने वाले हैं।”_

 

 

       विशिष्ट अतिथि डॉ. संजय पंकज ने स्वयं को महाकवि अरुण जी का मानस पुत्र बताते हुए कहा कि वे सांस्कृतिक भावधारा तथा आध्यात्मिक चेतना के सामाजिक रचनाकार थे। वहीं श्री ज्वाला सांध्यपुष्प ने कहा कि अरुण जी युगांतकारी कवि थे। मुख्य अतिथि शहीद प्रमोद डिग्री कॉलेज के प्राचार्य श्याम नंदन कुमार यादव एवं अध्यक्षीय उद्बोधन में डॉ. शारदा चरण ने भी अपने विचार रखे।

           बज्जिका भाषा एवं साहित्य में उत्कृष्ट योगदान हेतु प्रो. दिनेश कु. सिंह, डॉ. उषा किरण, श्री हंसलाल साह, कठपुतली कलाकार सुनील कुमार एवं प्रो. अमिताभ कु. सिन्हा को अंगवस्त्र, प्रतीक चिन्ह एवं प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।

                   अंतिम सत्र में कवि सम्मेलन का आयोजन उदय नारायण सिंह की अध्यक्षता में हुआ, जिसमें रविकिशोर चंचल, मनिभूषण अकेला, अवधेश तृषित, पुष्पा गुप्ता, सविता राज सहित अनेक कवियों ने रचना पाठ किया।

 

          कठपुतली कलाकार सुनील कुमार ने _’ईहे लीचिया खईले महाकवि अवधेश्वर अरुण हो गेलथिन लाले लाल हो’, ‘मुजफ्फरपुर चलु हे सखी’, ‘आव आव तितली रानी हम्मर बगिया में’_ जैसे बज्जिका गीतों की प्रस्तुति दी। उन्होंने बज्जिकांचल विकास पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री देवेन्द्र राकेश को ‘लीचिया लाले’ लीची गीत संग्रह पुस्तक भेंट कर बज्जिका दिवस की बधाई दी।

 

       सम्मानित होने पर सुनील कुमार को मुजफ्फरपुर शांति सेना के संयोजक सोनू सरकार, शम्भू मोहन प्रसाद, अनिल कुमार ठाकुर, लोक गायिका अनिता कुमारी, बबिता ठाकुर, सुमन कुमारी सहित कई लोगों ने बधाई दी।

 

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