राजेन्द्र रंजन गायकवाड (सेवा निवृत्त केंद्रीय जेल अधीक्षक) बिलासपुर, छत्तीसगढ़
(नया अध्याय, उत्तराखण्ड) (w)6395080071
अब मेरी कोई जरूरत नहीं,
दिल-ए-बेकरार की वो सूरत नहीं।
कभी थे हमसफर, रातें थीं रंगीन,
आँखों में मेरी अब उनकी सूरत नहीं।
वो लम्हे जो बाँधे थे बंधन में कभी,
दिल में अब न वो बात, न चाहत नहीं।
हवा में उड़ गए वादों के परिंदे सब,
अब इश्क में कहीं वो शरारत नहीं।
कभी मेरी निगाहों में बसते थे जो,
मेरे दिल को उनसे कोई शिकायत नहीं।
बिछड़ गए जो रास्तों के मोड़ पर,
अब उनसे मिलने की इनायत नहीं।
मैं ‘खामोश’ हूँ, फिर भी गाता हूँ गीत,
कि उनके बगैर जीने की आदत नहीं।






