अवधेश प्रताप सिंह कानपुर, उत्तर प्रदेश
(नया अध्याय, उत्तराखण्ड) (w) 6395080071
कॉकरोच वाली हुड़दंग हो या कांग्रेस का फ्लॉप शो, एक बात गौर करने वाली है कि मुसलमानो ने पर्याप्त दूरी बनाकर रखी और बतौर हिन्दू ये हमारे लिए बहुत जरूरी है।
आप और हम कट्टर क्यों हुए? क्योंकि मुसलमान कट्टर था, हम देख रहे थे कि हिन्दू दूसरे दर्जे का नागरिक बन रहा था और मुसलमान इसे एन्जॉय कर रहा था इसलिये हम सभी कट्टर हुए।
लेकिन मुसलमान अब समझ नहीं आ रहा, या तो ये कांग्रेस के गुलाम नहीं बनना चाहते या फिर इन्हे रोजी रोटी की ज्यादा पड़ी है या फिर इन्होने हमारी समझ को मात दे दी। हो सकता है सऊदी और ईरान के आका ढेर हो गए इसलिए शांति है।ऐसे मे हिन्दू आक्रमक किस पर हो?
आप आक्रमकता त्याग नहीं सकते, क्योंकि हमारे यहाँ लोगों को फिर सोने की बीमारी हो जाती है।कदाचित समय आ गया है कि बतौर हिन्दू हम मुसलमानो के परे देखें।
मुसलमानो से हमारी शत्रुता यहूदियों वाली नहीं है, हिन्दू मुस्लिम फसाद आज नहीं तो कल सुलझ जाएगा। अयोध्या हम ले चुके, काशी और मथुरा की बात है तो उस पर मुस्लिम समुदाय के साथ बैठकर चर्चा हो सकती है और भारी मन के साथ कहूंगा कि हम बाकि मंदिरो को अभी भूल जाए।
हिन्दू अखंड-भारत पर फोकस करें साथ ही भारत एक हिन्दूराष्ट्र है इसे क्लेम करें लेकिन भारत को हिन्दू राज्य बनाने की कोशिश ना करें। राष्ट्र और राज्य अलग है, हिन्दू-राज्य बनेगे जाहिर है कुछ तो गलती करेंगे और बिल धर्म के नाम फटेगा।
इस्लाम और ईसाईयत से जो लोगो का मोहभंग हो रहा है उसका बड़ा कारण ये है कि इनके कई देश धार्मिक राज्य है।
अब इस पोस्ट का अर्थ ये भी नहीं कि मुसलमानो को क्लीन चिट हो गयी, मुसलमानो के लिए फिलिस्तीन आज भी भारत से बड़ा मुद्दा है। मुसलमानो के मन में पाकिस्तान और बांग्लादेश के प्रति हमदर्दी का भाव तो है, उनकी ये सोच भारत के विरुद्ध रेखांकित होती रहती है।
धर्मान्तरण आज भी एक चुनौती है, लव-जेहाद के केस कम हो गए हो लेकिन खत्म नहीं हुआ है। मुसलमानो की कट्टरता उनके दिल में है और हिन्दुओं से कही ज्यादा है।
जेहाद की अग्नि फिर धधक सकती है ऐसे में हिन्दुओं को तैयार तो रहना चाहिए। ये एक शीत काल है जिसमें हिन्दू इस्लाम से बचने की तैयारी करें, दूर भविष्य में यदि मुसलमान हमारे विरुद्ध आक्रमक हुआ तो हम अपनी मातृभूमि की रक्षा कर पाएंगे, नहीं हुआ तो उस शक्ति का कही ओर प्रयोग करेंगे।
श्रेयस्कर होगा कि हिन्दू अभी विकसित और अखंड भारत के लिए तैयारी करें। बीजेपी फिलहाल ठीक है, उसी के माध्यम से आगे चले, एक दो हिन्दूवादी विकल्प भी भविष्य में बन जायेंगे। बाकि फिर भविष्य के अनुरूप नीति बनाना ठीक होगा। एक-अनुभव-एक-विचार
नोट: आपसे सभी सनातनी बंधुजन यदि मुझसे और मेरे विचारों से सहमत है तो आप सभी सनातनी बंधुजनो से आर्थिक और वैचारिक सहयोग, समर्थन अपेक्षित रहेगा।






