“हिंदी मेरे उर बसे”

Spread the love

 

 डॉ. प्रियंका सौरभ 

कवयित्री, स्वतंत्र पत्रकार एवं स्तंभकार,

 आर्यनगर, हिसार (हरियाणा)

 

 

 

          “हिंदी मेरे उर बसे”

 

आन-बान सब शान है, और हमारा गर्व।

हिंदी से ही पर्व है, हिंदी सौरभ सर्व।।

 

हिंदी हृदय गान है, मृदु गुणों की खान।

आखर-आखर प्रेम है, शब्द- शब्द है ज्ञान।।

 

बिंदिया भारत भाल की, हिंदी एक पहचान।

सैर कराती विश्व की, बने किताबी यान।।

 

प्रीत प्रेम की भूमि है, हिंदी निज अभिमान।

मिला कहाँ किसको कहीं, बिन भाषा सम्मान।।

 

वन्दन, अभिनन्दन करे, ऐसा हो गुणगान।

ग्रंथन हिंदी का कर लो, तभी मिले सम्मान।।

 

हिंदी भाषा रस भरी, रखती अलग पहचान।

हिंदी वेद पुराण है, हिंदी हिन्दुस्तान।।

 

हिंदी की मैं दास हूँ, करूँ मैं इसकी बात।

हिंदी मेरे उर बसे, हिंदी हो जज्बात ।।

 

निज भाषा का धनी जो, वही सही धनवान।

अपनी भाषा सीख कर, बनता व्यक्ति महान।।

 

मौसम बदले रंग ज़ब, तब बदले परिवेश।

हो हिंदीमय स्वयं जब, तभी बदलता देश।।

 

निज भाषा बिन ज्ञान का, होता कब उत्थान।

अपनी भाषा में रचे, सौरभ छंद सुजान।।

 

एक दिवस में क्यों बंधे, हिन्दी का अभियान।

रचे बसे हर पल रहे, हिन्दी हिन्दुस्तान।।

 

 

  • Related Posts

    साथ-साथ चल सकते हैं आर्थिक विकास और वित्तीय अनुशासन

    Spread the love

    Spread the love  आशीष कुमार चौहान (एनएसई  प्रबंध निदेशक एवं सीईओ)                 (नया अध्याय, देहरादून)   भारत का बजट 2026-27 साथ-साथ चल सकते…

    स्मृतियों की राह में कविता.

    Spread the love

    Spread the love  राजकुमार कुम्भज जवाहरमार्ग, इन्दौर               (नया अध्याय, देहरादून) _____________________ स्मृतियों की राह में कविता. _____________________ कविता नहीं है राख का ढ़ेर …

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    You Missed

    साथ-साथ चल सकते हैं आर्थिक विकास और वित्तीय अनुशासन

    • By User
    • February 5, 2026
    • 2 views
    साथ-साथ चल सकते हैं आर्थिक विकास और वित्तीय अनुशासन

    स्मृतियों की राह में कविता.

    • By User
    • February 5, 2026
    • 11 views
    स्मृतियों की राह में कविता.

    आशाओं की छतरी

    • By User
    • February 5, 2026
    • 6 views
    आशाओं की छतरी

    थोड़ा सा इश्क में

    • By User
    • February 5, 2026
    • 6 views
    थोड़ा सा इश्क में

    वासंतिक छवि(दोहे)

    • By User
    • February 5, 2026
    • 12 views
    वासंतिक छवि(दोहे)

    अंजाम-ए- गुलिस्ताँ क्या होगा ?

    • By User
    • February 5, 2026
    • 5 views
    अंजाम-ए- गुलिस्ताँ क्या होगा ?