संजय एम तराणेकर
(कवि, लेखक व समीक्षक)
इन्दौर, (मध्य प्रदेश)
14 सितम्बर – राष्ट्रीय हिंदी दिवस पर विशेष
भारतीयों करें हिंदी की वकालत…!
राष्ट्रभाषा यानि आमजन की भाषा,
हिंदी ही करेगी यह पूरी अभिलाषा।
आम बोल-चाल में सब होता साझा,
अपन-तूपन, आएला-जाएला वाचा।
न कोई झिझक हो जाए सब सजग,
प्रेम-स्नेह से बोलता जाए सारा जग।
गाँधी ने हिंदी को ‘जनभाषा’ बताया,
वर्तमान में अंग्रेजी ने हैं खूब सताया।
हिंदी की अपेक्षा ‘अंग्रेजी’ का प्रभुत्व,
न करो इसकी उपेक्षा बढ़ाओ महत्व।
अब तक खूब हुई हिंदी की हिकारत,
जागो भारतीयों करें इसकी वकालत।







