सामयिक दोहे

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डॉ. हरि नाथ मिश्र, अयोध्या, (उ.प्र.)

 

‘नया अध्याय’ समाचार पत्र

                 

                         दोहे

सामयिक दोहे

सभी चिकित्सक, आरक्षी, साधुवाद के पात्र।

इनका सब स्वागत करें, साधारण जन,छात्र।।

 

कोरोना के काल में, देव तुल्य ये लोग।

अपनी चिंता छोड़कर, दूर भगाएँ रोग।।

 

पत्थर से मारो नहीं, नहीं करो उत्पात।

थूको मत इनपर कभी, मत तुम दो आघात।।

 

ये सेवक इव हो मुदित, करते सेवा-दान।

वंदनीय हैं ये सभी, इनका हो सम्मान।।

 

माता सम हैं रक्षिका, भगिनी सम दें प्यार।

सब औषधि-परिचारिका, चाहें सिर्फ दुलार।।

 

आवो मिलकर सब करें, पुष्पों की बरसात।

पुष्प-गुच्छ अर्पित करें, ये देवी साक्षात।।

 

अनुपालन सब मिल करें, जो भी हो आदेश।

स्वास्थ्य अतुल धन है जगत, यही मूल संदेश।।

                

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