संजय एम तराणेकर
(कवि, लेखक व समीक्षक)
इन्दौर, (मध्य प्रदेश)
(नया अध्याय, देहरादून)
रिश्तों में दूर करते व्यवधान…!
ये एक परिवार या एक कोठी की नहीं कहानी,
रिश्तों, दौलत व मानसिक तनाव हुआ बयानी।
देश के नामी नाम राजश्री-कमला आती पसंद,
इंडस्ट्री व आम लोगों को हिलाया रह गए दंग।
घर के एक कमरे में फांसी पे लटकी हुई मिलीं,
वो आत्महत्या का कदम ही क्यों उठाके चलीं।
रिश्तों में प्यार एवं विश्वास; कमी का गहरा दर्द,
किसी रिश्ते में प्यार या भरोसे का न रहा अर्थ।
जिंदगी खत्म कर लेना नहीं यह कोई समाधान,
रिश्ते में रहते जीने के लिए दूर करते व्यवधान।
यूं लंबे समय तक भावनात्मक तनाव में ना रहें,
आओं करें दुआ सकारात्मक सभी रहें प्रेम बहें।
(संदर्भ-दीप्ति का सुसाइड केस)







