दिगंबर जैन समाज के पर्युषण पर्व का है अंतिम दिन हुई उत्तम ब्रह्मचर्य धर्म की पूजा वासुपूज्य भगवान को चढ़ाया निर्वाण लाडू।

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संवाददाता आगर मालवा : गोवर्धन कुम्भकार की रिपोर्ट।

 

 

 

दिगंबर जैन समाज के पर्युषण पर्व का है अंतिम दिन हुई उत्तम ब्रह्मचर्य धर्म की पूजा वासुपूज्य भगवान को चढ़ाया निर्वाण लाडू।

 

समाजजनों ने रखे उपवास, एकासना

 

 

 

आगर मालवा :  दिगंबर जैन समाज के चल रहे पर्युषण पर्व के अंतिम दिन शनिवार को उत्तम ब्रह्मचर्य धर्म की पूजा हुई। 1008 श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर छावनी ,सिटी मंदिर और कालोनी स्थित मंदिर में श्री जी का अभिषेक शांति धारा के साथ ही पूजन हुआ और वासुपूज्य भगवान का मोक्ष कल्याणक होने से निर्वाण लाडू चढाया गया। पर्युषण पर्व के अंतिम दिन छावनी मंदिर में शांति धारा के लाभार्थी राजेश जैन आदीश जैन यश जैन (आर.सी.) सावला परिवार आगर वाले एवं लोकेंद्र जैन अरिहंत जैन आरव जैन परिवार रहे एवं निर्माण लाडू चढ़ाने के लाभार्थी श्री दिगंबर जैन भक्तामर महिला मंडल कानड़ ,चौमा रहा।

अनंत चतुर्दशी पर निकला चल समारोह

 

अनंत चतुर्दशी पर्युषण पर्व के अंतिम दिन अनंत चतुर्दशी पर दोपहर में 4:00 बजे पारसनाथ दिगंबर जैन मंदिर छावनी में श्री जी के अभिषेक हुए अनंत चतुर्दशी के कलश के लाभार्थी महेश जैन मुकेश जैन परिवार कानड़ और दूसरे कलश के लाभार्थी संतोष जैन कमलेश जैन सांवला परिवार कानड़ ने बोली के माध्यम से प्राप्त किया जहां दोनों परिवारों द्वारा भगवान के अभिषेक किये। इसके पश्चात पारसनाथ दिगंबर जैन मंदिर छावनी से चल समारोह के रूप में कलश यात्रा निकाली गई जो बैंड बाजों के साथ शहर के सिटी मंदिर में पहुंची वहां पर अनंत चतुर्दशी के कलश श्रीजी पर हुए एवं रात्रि में छावनी मंदिर में महाआरती का आयोजन हुआ। जानकारी दिनेश जैन ने दी। समाजजन द्वारा पर्व के अंतिम दिन उपवास, एकासना रखा। इस दोरान आगर सहित कानड़ और चौमा के समाजजन भी उपस्थित रहे।

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