संजय सोंधी
(संयुक्त सचिव)
भूमि एवं भवन विभाग
दिल्ली सरकार









वामन अवतार: भगवान विष्णु की बुद्धिमान लीला
भगवान विष्णु के पाँचवें अवतार को वामन अवतार कहा जाता है। इस बार भगवान ने एक बौने ब्राह्मण (वामन) का रूप धारण किया था। यह कथा दानव राजा बलि की दानशीलता और अहंकार से जुड़ी हुई है।
राजा बलि ने अपनी तपस्या और शक्ति से तीनों लोकों पर अधिकार कर लिया था और स्वर्गलोक से देवताओं को निकाल दिया था। तब देवताओं की प्रार्थना पर भगवान विष्णु ने वामन रूप में अवतार लिया। राजा बलि जब एक महान यज्ञ का आयोजन कर रहे थे, तब वामन रूप में भगवान उनके पास पहुँचे। बलि ने उनसे कहा कि वे जो भी माँगना चाहें, माँग लें। छोटे से वामन ने तीन पग भूमि दान में माँगी। बलि ने हँसते हुए यह दान दे दिया। तब वामन ने विराट रूप धारण कर एक पग में पूरी पृथ्वी और दूसरे पग में स्वर्गलोक नाप लिया। तीसरा पग रखने के लिए कोई स्थान नहीं बचा, तो बलि ने अपना सिर आगे कर दिया। भगवान के तीसरे पग से बलि पाताललोक पहुँच गए, लेकिन भगवान उनकी दानशीलता से प्रसन्न होकर उनके द्वारपाल बन गए। इस तरह देवताओं की रक्षा हुई।
यहाँ यह बात ध्यान देने योग्य है कि भगवान विष्णु के अवतारों की संख्या को लेकर पुराणों में भिन्न-भिन्न मत हैं। श्रीमद्भागवत पुराण में 24 अवतारों का वर्णन है, जिनमें से 23 हो चुके हैं। वहीं, विष्णु पुराण में केवल 10 अवतार माने गए हैं, जिनमें से 9 अवतार हो चुके हैं और कल्कि अवतार भविष्य में होना है।
भगवान विष्णु के पाँचवें अवतार वामन की जयंती भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि को मनाई जाती है।
भारत में वामन अवतार को समर्पित प्रमुख मंदिर
1. वामन मंदिर, मार्कण्डेय तीर्थ, झज्जर (हरियाणा): झज्जर जिले में स्थित यह प्राचीन मंदिर मार्कण्डेय ऋषि के आश्रम के पास बना हुआ है। मान्यता है कि यहाँ भगवान वामन ने अवतार लिया था। मंदिर का शिखर नागर शैली में बना हुआ है।
2. थिरुपुलियुर वामन मंदिर, तमिलनाडु: तमिलनाडु के तंजावुर जिले में स्थित यह मंदिर द्रविड़ शैली में बना हुआ है। यहाँ भगवान वामन की बहुत ही सुंदर मूर्ति स्थापित है।
3. वामन मंदिर, खजुराहो (मध्य प्रदेश): खजुराहो के पश्चिमी समूह में स्थित यह मंदिर अपनी जटिल नक्काशी और सुंदर मूर्तियों के लिए प्रसिद्ध है। मंदिर की दीवारों पर वामन अवतार की कथा को उकेरा गया है।
4. उल्लाल वामन मंदिर, कर्नाटक: कर्नाटक के उडुपी जिले में स्थित यह मंदिर केरल की वास्तुकला शैली में बना हुआ है। यहाँ का annual festival बहुत प्रसिद्ध है।
5. वामन मंदिर, द्वारका (गुजरात): गुजरात के द्वारका में स्थित इस मंदिर में भगवान वामन की काले पत्थर से बनी मूर्ति स्थापित है। मान्यता है कि यह मंदिर लगभग 2000 साल पुराना है।
6. वामन मंदिर, पुष्कर (राजस्थान): राजस्थान के पुष्कर में स्थित यह मंदिर बहुत ही प्राचीन है। मान्यता है कि यहाँ भगवान ब्रह्मा ने यज्ञ किया था और भगवान वामन ने उनकी रक्षा की थी।
7. वामन मंदिर, गया (बिहार): बिहार के गया में स्थित यह मंदिर विष्णुपद मंदिर के निकट है। यहाँ पिंडदान करने से पहले लोग भगवान वामन के दर्शन करते हैं।
8. वामन मंदिर, कोट्टयम (केरल): केरल के कोट्टयम जिले में स्थित यह मंदिर केरल की पारंपरिक वास्तुकला का एक सुंदर उदाहरण है। यहाँ भगवान वामन की तीन फीट ऊँची मूर्ति स्थापित है।
9. वामन मंदिर, सासवड़ (महाराष्ट्र): महाराष्ट्र के सासवड़ में स्थित यह मंदिर एक पहाड़ी की चोटी पर बना हुआ है। यहाँ तक पहुँचने के लिए सीढ़ियाँ चढ़नी पड़ती हैं।
10. वामन मंदिर, जबलपुर (मध्य प्रदेश): मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले में स्थित यह मंदिर नर्मदा नदी के किनारे बना हुआ है। मान्यता है कि यहाँ भगवान वामन ने राजा बलि से तीन पग भूमि माँगी थी।
11. वामन मंदिर, तिरुवल्लम (तमिलनाडु): तमिलनाडु के चेन्नई में स्थित यह मंदिर द्रविड़ शैली में बना हुआ है। यहाँ भगवान वामन की बहुत ही सुंदर मूर्ति स्थापित है।
12. वामन मंदिर, अम्बाला (हरियाणा): हरियाणा के अम्बाला जिले में स्थित यह मंदिर एक प्राचीन तीर्थ स्थल है। ऐसा माना जाता है कि यहाँ भगवान वामन ने कुछ समय बिताया था।
ये मंदिर न केवल आस्था के केंद्र हैं बल्कि भारत की समृद्ध सांस्कृतिक और स्थापत्य कला के जीवंत उदाहरण भी हैं।
(यह लेख लेखन सहायक रेयान खान की सहायता से लिखा गया है।)







