पंकज सीबी मिश्रा
(उप सम्पदाक) जौनपुर, उ. प्र।
शो पीस बनी सहकारी समितियां, खाद और गेंहू बीज के लिए दर – दर भटक रहें किसान।
केराकतः किसान सम्मान निधि योजना द्वारा जनता के टैक्स के सरकारी धन का बंदरबाट करवाने वाले लोग किसानों के दुःख, तकलीफो और भागदौड़ से अनभिज्ञ बने हुए है। करोड़ों अपात्र अपने जीवित माता पिता से दो – दो चार बिस्वा भूमि अपने नाम करवाकर या जो कभी किसानी नहीं करते वो भी साल भर में किसान सम्मान निधि का पैसा डकार रहें और दूसरी तरफ छोटे सीमांत किसान जिन्हें सीजन में गेंहू की बीज, डीएपी डाई खाद की जरुरत होती है उन्हें दर – दर भटकना पड़ रहा। याद रखियेगा सरकारी तंत्र से परेशान यदि इन किसानों नें खेती करना और फसल उपजाना छोड़ना शुरू कर दिया तो रोटी के लाले पड़ जायेंगे। केराकत ब्लॉक के थानागद्दी, सहबदीपुर इत्यादि सहकारी समितियों में समय से ना खाद मिल रहा ना बीज। हाँ यें जरुर हुआ है कि रजिस्ट्रेशन और कार्ड बनवाने के नाम पर इन सहकारी समितियों में गरीब किसानों से दो सौ चालीस रूपये के दर से जमकर वसूली हुई है। आखिर क्यों केवल किसानी पर ही प्रहार किया जा रहा। कभी किसानों के यहाँ बिजली विभाग के छापे तो कभी मौसम की मार अब खाद और बीज की किल्लत तो आखिर क्यों ही खेती कर देश के लिए अन्न उपजाएँ किसान ! जवाब मांग देंगे और मुद्दा उठा देंगे तो साँप सूंघ जायेगा। जिम्मेदार एडीओ केराकत भी इस मामले पर मौन साधे है। आखिर इन किसानों का क्या दोष है जिन्हें खाद और बीज की भारी किल्लत से जूझना पड़ रहा। छापे मारिये जहां आपने जिले में सप्लाई कराया है वहां आपको कालाबाजारी का नया खेल देखने को मिल जायेगा क्यूंकि एक रेजिस्ट्रेशन पर अपने मातहतो को यें सोसाइटी संचालक बीसो बोरी खाद और बीज उठा कर दे दे रहे जो सोसाइटी के बाहर जाकर ही सौ पचास रूपये ज्यादा लेकर ब्लैक कर दे रहें। यही हाल सिंधोरा, नरहन और पतरही सहकारी समितियों पर भी देखने को मिला है। उपजिलाधिकारी केराकत और जिलाधिकारी जौनपुर इस मामले में हस्तक्षेप कर इन समितियों के कर्मचारियों के खिलाफ कार्यवाही कराए ताकि किसानों को समय से खाद और बीज मिलता रहें।







