प्रभारी सम्पादक जौनपुरः पंकज कुमार मिश्रा।
थानागद्दी में भूमाफिया का स्टे वाली भूमि पर जबरन कब्जे का प्रयास।
थानागद्दी : केराकत विकासखंड के थानागद्दी में अशांति फैलाने के मकसद से किसान के पुस्तैनी भूमिधरी के लिए सात वर्ष पहले जबरन मारपीट करने वाले थानागद्दी ग्रामसभा के ही कुछ भूमाफिया और हिस्ट्रीसीटर पुनः उक्त भूमिधरी गाटा संख्या 351- 352 के पास नामदर्ज भूमि पर अवैध मिट्टी और साफ – सफाई का कार्य करवाकर अतिक्रमण और कब्जे का प्रयास कर विवाद को बढ़ाने का कार्य कर रहें जिसे खबरों के माध्यम से स्थानीय प्रसासन को भी समय – समय पर अवगत कराया जाता रहा है । इसके बाद भी यदि निर्माण कार्य अथवा मिट्टी ईंट इत्यादि का कार्य होता रहा है ऐसे अब यदि स्थानीय प्रसाशन दबंग भूमाफिया के खिलाफ कार्यवाही नहीं करती तो इसे न्यायालय में लंबित वाद और स्टे का अवमानना मानते हुए न्यायालय से अवमानना कार्यवाही और गिरफ्तारी की अपील की जाएगी। आपको बता दें देवनाथपुर निवासी छेदी मिश्र पुत्र स्व शारदा मिश्र की किसानी भूमिधरी का रकबा केराकत – जलालपुर मार्ग पर गुलबारी बाग़ के पास है जिस पर स्थानीय दबंगो नें पुनः जबरन कब्जा और अतिक्रमण करने को लेकर मिट्टी गिरवाया और साफ – सफाई कराकर पतरा डलवाकर अतिमक्रमण का प्रयास कर रहें जो न्यायालय के स्थगन आदेश की अहवेलना है। इस विवादित भूमि पर अतिक्रमण करने वाले में गांजा और जुए के केस में कई बार दबोचा गया स्थानीय ग्रामसभा का ही एक मनबढ़ हिस्ट्रीसीटर शामिल है जो क्षेत्र का दबँग भूमाफिया भी है। किसान की भूमि पर र्निर्माण करने का कुत्सित प्रयास में विवादित भूमि पर मिट्टी और पतरा का कार्य करया जा रहा जो गलत है , जिस पर ज़ब उसे मना किया गया तो जबरन मारपीट की धमकी और अतिक्रमण करूँगा कहा गया । इस प्रकरण मे शनिवार 29 नवम्बर को तहसील अधिकारियों से संपर्क करने का प्रयास किया गया किंतु संपर्क नहीं हो पाया। अराजकता का माहौल पैदा कर क्षेत्र का माहौल ख़राब करने वालों के खिलाफ जिलाधिकारी जौनपुर से अपील करते हुए यथास्थिति बनाएं रखने और मनबढ़ उक्त अपराधी प्रवृत्ति के भूमाफिया पर कार्यवाही करने के लिए स्थानीय थानाध्यक्ष से भी मामले में हस्तक्षेप की उम्मीद है। उक्त प्रकरण क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। आपको बता दें थाना गद्दी मिश्रान बस्ती के पास देवनाथपुर निवासी छेदी मिश्र का लगभग दो एकड़ का चक है,जो मुख्य मार्ग से लगा हुआ है जिस पर भूमिधरी मालिकों की अनुपस्थिति में क्षेत्र के हिस्ट्रीसीटर और कथित भूमाफियाओं ने पक्का निर्माण करवा लिया था जिस संबंध में न्यायालय वाद दाखिल हुआ और मामले को किसान के पक्ष में सही पाते हुए उसपर स्टे पारित हुआ। जिसके बाद मामले में हस्तक्षेप करते हुए तहसील प्रशासन नें पूर्व उपजिलाधिकारी केराकत ऋतू सुहास के नेतृत्व में निर्माण रुकवा कर चेतावनी दी थी की कोई कच्चा कार्य अथवा पक्का निर्माण ना कराया जाय। और पूरा मामला न्यायालय से संबंधित होने की बात कही थी, जिसके बाद मामला शांत हो गया था लेकिन विगत दिनों फिर से उक्त भूमि पर साफ सफाई और निर्माण के लिए मिट्टी का कार्य कराया जा रहा जिसे लेकर विवादिन न्यायालय में स्टे अवमानना का मुकदमा दायर करने पर विचार किया जा रहा है। यदि समय रहते क्षेत्रीय प्रशासन के मामले का संज्ञान नहीं लेता तो अवमानना के अंतर्गत कार्यवाही कराई जाएगी।







