संजय एम तराणेकर
(कवि, लेखक व समीक्षक)
इन्दौर, (मध्य प्रदेश)
जहां जाना वहां नहीं जाते…!
ये प्रयोगधर्मी जहां जाना वहां नहीं जाते,
उन्हें ना बुलाओ तो नाराज भी हो जाते।
चाहे स्वतंत्रता दिवस हो या 26 जनवरी,
इन्हें तो विदेश यात्रा पर जाना हैं जरूरी।
न जाने यह कहां पे अपना समय बिताते,
उप-राष्ट्रपति के शपथ ग्रहण से दूर रहते।
कहाँ हैं बाबा इनके ‘पार्टीवाले’ भी पूछते,
सीजेआई की नियुक्ति पे भी नदारद होते।
अब चाहते थे रूस के राष्ट्रपति से मिलना,
सरकार के साथ चाहते थे साथ में चलना।
इन्हें हुआ अब मलाल न्योते का न मिलना,
पुतीन लौट चुके इंतज़ार ‘बारी’ का करना।
(संदर्भ-पुतीन की यात्रा में नेता विपक्ष को न बुलाना)







