संवाददाता: गोवर्धन कुम्भकार
(नया अध्याय)
चाम्पा कॉलेज में एलुमिनी मीट में भव्य समारोह का आयोजन किया गया।
उन्होंने पूर्व छात्र-छात्राओं से समाज और राष्ट्र के प्रति अपने दायित्वों का निर्वहन करते हुए महाविद्यालय की गौरवशाली परंपरा को आगे बढ़ाने का आह्वान किया।
चाम्पाः शासकीय मयूरध्वज महादानी राजा स्नातकोत्तर महाविद्यालय, चाम्पा में 18 जनवरी 2026 को महाविद्यालय प्रांगण के सभागार में एलुमिनी मीट 2026 का भव्य समारोह सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत वीणापाणी मां सरस्वती, छत्तीसगढ़ महतारी, राष्ट्रपिता महात्मा गांधी एवं संविधान निर्माता बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर के तैलचित्र पर दीप प्रज्वलित एवं पूजन अर्चन कर किया गया।
महाविद्यालय के तत्कालीन प्राध्यापकगण एलुमिनी सदस्यों के उत्साहवर्धन के लिए अतिथि के रूप में मंच पर उपस्थित रहे।
पूर्व प्राचार्य एवं सेवानिवृत्त प्राध्यापक डॉ. बी. डी. दीवान ने भावनात्मक शब्दों में कहा कि विद्यार्थी कभी पूर्व नहीं होता, वह शिक्षक की स्मृतियों में सदैव जीवित रहता है। उन्होंने पूर्व छात्र-छात्राओं से समाज और राष्ट्र के प्रति अपने दायित्वों का निर्वहन करते हुए महाविद्यालय की गौरवशाली परंपरा को आगे बढ़ाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए प्राचार्य डॉ. एच. पी. खैरवार ने स्वागत उद्बोधन में कहा कि एलुमिनी मीट जैसे आयोजन संस्था और पूर्व विद्यार्थियों के बीच सशक्त सेतु का कार्य करते हैं।
यहां से अध्ययनरत पूर्व छात्र आज एक जिम्मेदार नागरिक बनकर प्रदेश, समाज एवं नगर की सेवा करते हुए प्रतिष्ठा अर्जित कर रहे है।
उन्होंने 1990 से 1998 तक अध्ययनरत रहे पूर्व छात्र-छात्राओं की सहभागिता को महाविद्यालय की शैक्षणिक गुणवत्ता का प्रमाण बताते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
राष्ट्रीय सेवा योजना के जिला संगठक एवं शासकीय नवीन महाविद्यालय नवागढ़ के प्राचार्य प्रो बी के पटेल ने अपने संबोधन में कहा कि शिक्षक के लिए सबसे बड़ा सम्मान उसके शिष्यों की सफलता होती है।
उन्होंने कहा कि सीमित संसाधनों के बावजूद उस दौर में विद्यार्थियों में सीखने की तीव्र ललक थी, जिसका प्रतिफल आज समाज में उनकी प्रतिष्ठित पहचान के रूप में दिखाई देता है।
प्रो. बी.के. पटेल ने बताया की यहां पूर्व में वर्ष 1988 से 1998 तक अध्ययन करने वाले छात्रों का सम्मेलन हुआ था जब महाविद्यालय ने वर्ष 1999 में अपनी स्थापना की रजत जयंती मनायी थी। यहां के पूर्व छात्रों ने जीवन के हर क्षेत्र में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है।
तत्कालीन प्राध्यापक गण प्रो. अश्वनी केशरवानी, प्रो. डी पी साहू, प्रो. बी पी पाटले, प्रो रूखमणी थवाईत, डॉक्टर भारती शर्मा, डॉ. एच आर पटेल, डॉ. सुनीता राठौर, महेश राठौर अतिथि के रूप में मंचासीन रहे।
एलुमिनी सदस्यों ने सभी अतिथियों का सम्मान बुके, शाल एवं मोमेंटो भेंट कर किया।
कार्यक्रम का संचालन एलिमिनी मीट 26 के संयोजक संतराम थवाईत एवं डॉ शिवदयाल पटेल सहायक प्राध्यापक हिंदी ने संयुक्त रूप से किया। एवं आभार प्रदर्शन डॉ प्यारेलाल आदिले प्राचार्य ने किया।
संतराम थवाईत द्वारा एलिमिनी सदस्यों का परिचय दिया गया। न्यायिक, प्रशासनिक, शिक्षकीय, समाज सेवा, स्वयं सेवी संस्था, राजस्व, पुलिस विभाग, खेल , आयकर, नोटरी, वकालत आदि विभिन्न क्षेत्रों में सेवा दे रहे एलुमिनी सदस्यों ने अपने अनुभव रखे एवं छात्र-छात्राओं को प्रेरित किया।
इस अवसर पर महाविद्यालय स्टॉफ, एनसीसी कैडेट सहित बड़ी संख्या में नगर तथा अन्य शहरों से आये पूर्व छात्र और छात्राएं शामिल हुए।







