2023 में बाढ़ के बहाव में सतलुज के रास्ते पाकिस्तानी सीमा में पहुंचे फिरोजपुर के सरहदी गांव के रहने वाले चार किसान अपने घर अपने वतन वापस लौटे।

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ब्यूरो फिरोजपुरः राजीव कुमार 

 

                     (नया अध्याय)

 

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                      2023 में बाढ़ के बहाव में सतलुज के रास्ते पाकिस्तानी सीमा में पहुंचे फिरोजपुर के सरहदी गांव के रहने वाले चार किसान अपने घर अपने वतन वापस लौटे।

 

घर वापिस पहुंचने पर परिवार में खुशी का माहौल 

 

पाकिस्तान की जेल से अढ़ाई वर्ष तक सजा काटकर वतन वापिस पहुंचे फिरोजपुर के चार युवक अपने घर वापिस लौट आए है और उनके घर आने पर परिवारो में खुशी का माहौल है। परिजनो द्वारा बच्चो की वतन वापिसी के लिए अनेको मन्नते मांगी गई थी और उन्होंने वाहेगुरू का शुक्रिया अदा करते हुए कहा कि वाहेगुरू ने उनकी सुन ली और उनके बच्चे सही सलामत वापिस लौट आए है। वापिस लौटे युवको ने कहा कि शुरूआती दौर में उन्हें काफी तश्दद सहनी पड़ी, लेकिन बाद में उन्हें लाहौर की हाई सिक्योरिटी जेल में रखा गया। उन्हें एक वर्ष की कैद और 10 हजार जुर्माने की सजा सुनाई थी और जुर्माना अदा ना करने पर एक महीने की सजा ज्यादा भुगतनी पड़ी थी। वर्णनीय है कि पाकिस्तान द्वारा 22 अगस्त 2023 को भारत के 6 युवको को पकडऩे का दावा किया गया था, जबकि 27 जुलाई को फिरोजपुर के तीन युवक घर से लापता हो गए थे। एक जलंधर और एक लुधियाना का रहने वाला था वो भी फिरोजपुर अपने रिश्तेदार के घर आए हुए थे और बाढ़ के पानी में बह कर पाकिस्तान की सीमा में पहुँच गए थे।

 

जोगिन्द्र सिंह उर्फ काला ने बताया कि वर्ष 2023 में आई बाढ़ में उसका ट्रैक्टर खेतो में बाढ़ के पानी में फंस गया था और वह अपने दोस्तो गुरमेज सिंह और शिंदर सिंह के साथ जब ट्रैक्टर को बाहर निकालने की कोशिश कर रहा था तो अचानक पानी के तेज बहाव में वह बह गए और पाकिस्तान रेंजर्स द्वारा उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। वहां पर शुरूआती दौर दिन उन्हें काफी यात्नाए दी गई और 28 दिन तक मुंह पर नकाब पहनाकर रखा गया और बाद में कोर्ट में पेश करने के बाद उन्हें सजा सुनाई और लाहौट की हाई सिक्योरिटी जेल की चक्कियों में रखा गया।

 

बाइट: जोगिंदर सिंह

 

गुरमेज सिंह ने बताया कि पाक की जेल में वह बुरी तरह से परेशान हो गया था। अपनी दासता बयान करते बताया कि जब उसे पास रेंजर्स ने पकड़ा तो उसने काफी उनसे मिन्नत की, लेकिन उन्हें नहीं छोड़ा और जेल में डाल दिया गया। उसने बताया कि उसने बताया कि हर बुधवार को उन्हें अपने परिजनो से बात करवाई जाती थी। उन्हें 10 बाय 12 के कमरे में रखा गया। गुरमेज के वापिस लौटने के बाद रिश्तेदार लगातार उससे मिलने आ रहे है।

 

बाइटः गुरमेज सिंह

 

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