ब्यूरो शिवगंज राजस्थान।
बजट ने किया कर्मचारियों को हताश और निराश।
शिवगंज-राज्य सरकार द्वारा सत्र 2025-26 का बजट राज्य विधान सभा में वित्त मंत्री दिया कुमारी द्वारा प्रस्तुत किये गये बजट से राज्य के 7 लाख कर्मचारियों के लिए कुछ भी घोषणा नहीं करने से राज्य भर के कर्मचारियों में निराशा एवं हताशा का माहोल नजर आया। राजस्थान शिक्षक संघ (प्रगतिशील) के मुख्य महामंत्री धर्मेंद्र गहलोत ने बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा।
संघ (प्रगतिशील) के मुख्य महामंत्री धर्मेंद्र गहलोत ने बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि राज्य के कर्मचारी वर्ग बजट पर निगाहे गडाये बैठा था। क्योंकि राज्य सरकार ने बजट पर कर्मचारी संगठनों से चर्चा के बाद कर्मचारी वर्ग और ज्यादा आस लगाये बैठा था कि लम्बे समय से लम्बित वेतन विसंगियों सहित ग्रेड पे व एसीपी के अवसर मिलेंगें। साथ ही बजट में शिक्षकों के पदोन्नति के अवसर देने, क्रमोन्नत विद्यालयों में पद सृजित करने, पारदर्शी स्थानान्नतरण निति की घोषणा, ओल्ड पेन्शन स्किम पर स्थिति स्पष्ट करने, एनपीएस की कटोति का 53 हजार रूपया कर्मचारियों को देने, कोरोना काल में 18 माह का फ्रीज किया हुआ डीए एरियर वापस देने, शिक्षा विभाग में एक लाख से अधिक पर रिक्त होने के बावजुद सवा लाख पदो पर भर्ती में से शिक्षा विभाग को कितने पद मिलेंगे। इसका खुलाशा नहीं होने, नव क्रमोन्नत स्कुलों में नये संकाय खोलने, नव क्रमोन्नत विद्यालयों में विज्ञान संकाय हेतु प्रयोगशाला मद में कोई अलग से बजट में कोई प्रावधान नहीं करने, निःशुल्क युनिफाॅर्म पर भी प्थक से कोई घोषणा नहीं करने, राज्य पुरूस्कार प्राप्त शिक्षकों को अतिरिक्त वेतन वृद्धि देने की घोषणा नहीं करना, संविदा कर्मियों को स्थाई करने के संदर्भ में नियमितिकरण की घोषणा नहीं करने से हजारो कर्मचारियों के साथ कुठाराघात करने, शिक्षा मद में सकल घरेलू उत्पाद के 6 प्रतिशत बजट का प्रावघान नहीं किये जाने सहित विभिन्न घोषणा अधुरी रहने से कर्मचारी वर्ग में निराशा-एवं हताशा का माहौल नजर आ रहा हैं जो स्कूली शिक्षा मद में बजट ’’ऊँट के मुंह में सीरा नहीं जीरा’’ की कहानी को चरितार्थ करता नजर आ रहा है। संगठन आशा व्यक्त करता हैं कि पुरक बजट घोषणा में इन घोषणा में से कई घोषणाओं पर अमल किया जायेगा।







