सम्पादक रुद्रप्रयागः लक्ष्मण सिंह नेगी
(नया अध्याय)
केदारनाथ यात्रा को लेकर जल संस्थान अलर्ट।
पेयजल आपूर्ति में लापरवाही पर सख्त कार्रवाई के निर्देश।
ऊखीमठ: गौरीकुंड से केदारनाथ धाम तक संचालित पेयजल व्यवस्थाओं को लेकर जल संस्थान ने अपनी तैयारियां पूरी कर दी हैं। इसी क्रम में जल संस्थान के अधीक्षण अभियन्ता सुशील कुमार सैनी ने गौरीकुंड–केदारनाथ पैदल मार्ग तथा केदारपुरी का चार दिवसीय विस्तृत स्थलीय निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने पेयजल योजनाओं की स्थिति, स्रोतों की उपलब्धता, पाइप लाइनों की कार्यक्षमता तथा वितरण व्यवस्था की बारीकी से समीक्षा की।
अधीक्षण अभियन्ता ने मौके पर मौजूद विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि केदारनाथ यात्रा के दौरान पेयजल आपूर्ति में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि यात्रा अवधि में लाखों श्रद्धालु धाम पहुंच रहें हैं, ऐसे में शुद्ध पेयजल की निरंतर उपलब्धता सुनिश्चित करना विभाग की प्राथमिक जिम्मेदारी है। निरीक्षण के दौरान उन्होंने विभिन्न स्थानों पर जल स्रोतों की स्थिति का आकलन करते हुए आवश्यक मरम्मत कार्य शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। साथ ही पाइप लाइनों में लीकेज, अवरोध अथवा तकनीकी खामियों को तत्काल दूर करने को कहा गया। उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त जल भंडारण की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए ताकि आपात स्थिति में आपूर्ति बाधित न हो। उन्होंने ने कहा कि केदारनाथ यात्रा केवल धार्मिक आस्था का विषय ही नहीं बल्कि प्रशासनिक दृष्टि से भी एक बड़ी चुनौती है। ऐसे में सभी विभागों के बीच समन्वय आवश्यक है। जल संस्थान को विशेष रूप से सतर्क रहते हुए नियमित मॉनिटरिंग करनी होगी। उन्होंने कर्मचारियों को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में निरंतर फील्ड में रहकर व्यवस्थाओं पर नजर रखें। इस दौरान उन्होंने केदारपुरी क्षेत्र में जल वितरण प्रणाली की भी समीक्षा की और वहां तैनात कर्मचारियों से संवाद कर समस्याओं की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए, इसके लिए हर स्तर पर जिम्मेदारी तय की जाएगी।
निरीक्षण के अंत में अधीक्षण अभियन्ता ने स्पष्ट किया कि यदि किसी भी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने सभी कर्मियों से जिम्मेदारी के साथ कार्य करने और यात्रा को सफल बनाने में अपना पूर्ण योगदान देने का आह्वान किया। इस दौरान सहायक अभियंता वीरेन्द्र भण्डारी ने उन्हें अवगत कराया कि गौरीकुंड – केदारनाथ पैदल यात्रा मार्ग पर जल स्तम्भ- 60, जल टंकी- 6, पशु चरहिया-40, पशुओं हेतु गर्म गीजर स्तम्भ- 13, पशुओं हेतु सतत गर्म गीजर संयंत्र 6 तथा वाटर मशीन 12
का निर्माण किया गया है तथा नियमित पेयजल आपूर्ति के लिए हर स्थान पर कर्मचारियों की तैनाती की गयी है।







