सम्पादक रुद्रप्रयागः लक्ष्मण सिंह नेगी
(नया अध्याय)



पूर्णाहुति में उमड़ा आस्था का सैलाब।
25 वर्षों बाद आयोजित नौ दिवसीय महा बन्याथ का समापन।
चोपता फलासी में हजारों श्रद्धालु बने ऐतिहासिक धार्मिक आयोजन के साक्षी।
ऊखीमठ: तल्लानागपुर की हृदय स्थली के रूप में विख्यात भगवती चण्डिका की तपस्थली चोपता फलासी में 25 वर्षों बाद आयोजित नौ दिवसीय महा बन्याथ विधिवत पूर्णाहुति के साथ सम्पन्न हो गया। पूर्णाहुति के अवसर पर सम्पूर्ण क्षेत्र भक्तिमय वातावरण में डूबा नजर आया। हजारों श्रद्धालुओं, धियाणियों, प्रवासियों एवं दूर-दराज से पहुंचे श्रद्धालुओं ने यज्ञ में आहुतियां देकर क्षेत्र की सुख-समृद्धि एवं विश्व कल्याण की कामना की। पूर्णाहुति के दिन प्रातः काल से ही मंदिर परिसर एवं यज्ञ स्थल पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। वैदिक मंत्रोच्चार, ढोल-दमाऊं एवं पारम्परिक वाद्य यंत्रों की मधुर ध्वनि से सम्पूर्ण वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर हो उठा। विद्वान आचार्यों द्वारा विधि-विधान से यज्ञ अनुष्ठान सम्पन्न कराया गया। पूर्णाहुति के दौरान श्रद्धालुओं ने भगवती चण्डिका के जयकारों के साथ धार्मिक अनुष्ठानों में भागीदारी निभाई। महा बन्याथ के समापन अवसर पर क्षेत्र की प्राचीन धार्मिक, सांस्कृतिक एवं पौराणिक परम्पराओं का भव्य निर्वहन किया गया। धियाणियों द्वारा पारम्परिक रीति-रिवाजों के तहत देवी आराधना की गई, जबकि प्रवासी श्रद्धालुओं ने वर्षों बाद अपने मूल गांव और संस्कृति से जुड़कर भावुक क्षणों का अनुभव किया। आयोजन स्थल पर कई श्रद्धालुओं की आंखें नम दिखाई दीं। लोगों ने इसे केवल धार्मिक आयोजन ही नहीं, बल्कि तल्लानागपुर की सांस्कृतिक एकता और लोकआस्था का महापर्व बताया। इस अवसर पर राज्य मंत्री चण्डी प्रसाद भट्ट एवं पंकज भट्ट भी आयोजन में शामिल हुए। उन्होंने भगवती चण्डिका के दर्शन कर पूजा-अर्चना की तथा क्षेत्रवासियों को महा बन्याथ की सफल पूर्णाहुति पर शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के धार्मिक आयोजन हमारी प्राचीन संस्कृति, परम्पराओं एवं लोकआस्था को जीवित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
नौ दिनों तक चले इस धार्मिक अनुष्ठान में प्रतिदिन विभिन्न धार्मिक कार्यक्रम, देवी भजन, जागर, पूजा-अर्चना, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां एवं विशाल भण्डारे आयोजित किये गये। महिलाओं के मंगल गीतों और भजनों ने पूरे आयोजन को भक्तिमय बनाए रखा। पूर्णाहुति के साथ ही महा बन्याथ का समापन भले ही हो गया हो, लेकिन आयोजन की आध्यात्मिक छाप लंबे समय तक श्रद्धालुओं के मानस पटल पर बनी रहेगी। तल्लानागपुर क्षेत्र में इस ऐतिहासिक आयोजन को लेकर लोगों में विशेष उत्साह और गौरव का भाव देखने को मिला। तुंगेश्वर मन्दिर समिति ने सभी श्रद्धालुओं, पंचकोटी, सहयोगियों एवं क्षेत्रवासियों का आभार व्यक्त करते हुए भगवती चण्डिका से सभी के सुख, शांति एवं समृद्धि की कामना की। महा बन्याथ के समापन अवसर पर कोल्लू भन्नू के ग्रामीणो द्वारा विशाल भण्डारे का आयोजन किया गया। इस मौके पर मन्दिर समिति प्रबंधक कल्याण सिंह नेगी, अध्यक्ष मानवेन्द्र बर्त्वाल, उपाध्यक्ष दलवीर सिंह राणा, सचिव पूर्ण सिंह खत्री, सह सचिव मगन सिंह नेगी, कोषाध्यक्ष यशवन्त सिंह नेगी, पण्डित जगदम्बा प्रसाद बेंजवाल, त्रिलोचन भट्ट, जिला पंचायत सदस्य सम्पन्न नेगी, प्रधान हेमा नेगी, अखिलेश नेगी, आजाद खत्री, दलेब सिंह सजवाण, महिला मंगल दल अध्यक्ष प्रियंका देवी, भाजपा मण्डल अध्यक्ष अर्जुन सिंह नेगी, पंचम सिंह नेगी, कुंवरी बर्त्वाल, विनोद जगवाण, मनीष मेवाल, धीर सिंह नेगी, विनोद रावत, दीप राणा, गणेश राणा, गिरीश राणा, पवन राणा, ताजवर सिंह जगवाण, रेखा सजवाण, प्रदीप राणा, श्रवण राणा, विजया बिष्ट, अंकिता नेगी, आदित्य सजवाण सहित हजारों श्रद्धालु मौजूद थे।








