सम्पादक रुद्रप्रयागः लक्ष्मण सिंह नेगी
(नया अध्याय, देहरादून)
ऊखीमठ नगर पंचायत में अधिशासी अधिकारी के स्थानांतरण की उठी मांग।
सभासदों व स्थानीय जनता ने उपजिलाधिकारी के माध्यम से शहरी विकास मंत्री को भेजा ज्ञापन ।
ऊखीमठ: नगर पंचायत ऊखीमठ में तैनात अधिशासी अधिकारी के कार्यशैली को लेकर जनप्रतिनिधियों व स्थानीय जनता में भारी आक्रोश व्याप्त है। नगर पंचायत सभासदों एवं स्थानीय जनता के शिष्टमंडल ने उपजिलाधिकारी के माध्यम से शहरी विकास मंत्री व केदारनाथ विधायक को ज्ञापन प्रेषित कर अधिशासी अधिकारी के स्थानांतरण की मांग उठाई है। शिष्टमंडल ने आरोप लगाया कि नगर पंचायत के चहुंमुखी विकास के उद्देश्य से बोर्ड बैठकों में कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किये गये, किन्तु अधिशासी अधिकारी की उदासीन कार्यप्रणाली के कारण अधिकांश प्रस्ताव फाइलों तक ही सीमित होकर रह गये हैं।
उपजिलाधिकारी अनिल रावत के माध्यम से शहरी विकास मंत्री राम सिंह कैड़ा व केदारनाथ विधायक आशा नौटियाल को भेजें ज्ञापन का हवाला देते हुए सभासदो व स्थानीय जनता का कहना है कि नगर पंचायत क्षेत्र में विकास कार्यों की गति पूरी तरह प्रभावित हो रही है। विभिन्न वार्डों में सड़क, नाली, सफाई, पेयजल तथा प्रकाश व्यवस्था से संबंधित प्रस्तावों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो पा रही है। इससे आम जनता को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सभासदों ने आरोप लगाया कि विकास कार्यों के लिए स्वीकृत योजनाओं का क्रियान्वयन समय पर नहीं होने से नगर पंचायत की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। शिष्टमंडल ने यह भी आरोप लगाया कि नगर पंचायत में कार्य कर रहे ठेकेदारों का भुगतान समय पर नहीं किया जा रहा है, जिससे विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं। भुगतान लंबित रहने से कई ठेकेदारों ने कार्यों में रुचि कम कर दी है, जिसका सीधा असर नगर पंचायत के विकास पर पड़ रहा है तथा ठेकेदारो का भुगतान समय पर न होने से उनके सम्मुख आजीविका का संकट बना हुआ है। सभासदों का कहना है कि बोर्ड की बैठक में कूड़ा मोबाइल वाहन खरीदने, मानसून से पूर्व नगर क्षेत्रांतर्गत सार्वजनिक स्थानों पर खराब स्टील लाइटो की मरम्मत सहित अनेक प्रस्ताव पारित किये गये है मगर अधिशासी अधिकारी द्वारा सभी प्रस्तावों को फाइलों में कैद रखा गया है। सभासदों का कहना है कि यदि समय रहते समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो जनता को आंदोलन के लिए बाध्य होना पड़ेगा। सभासदों एवं स्थानीय लोगों ने कहा कि नगर पंचायत क्षेत्र की जनता विकास कार्यों में पारदर्शिता और गति चाहती है, लेकिन वर्तमान परिस्थितियों में विकास योजनाएं धरातल पर उतरती दिखाई नहीं दे रही हैं। उन्होंने शहरी विकास मंत्री से मामले का संज्ञान लेते हुए अधिशासी अधिकारी का शीघ्र स्थानांतरण करने तथा नगर पंचायत की व्यवस्थाओं में सुधार लाने की मांग की है। वहीं दूसरी ओर उपजिलाधिकारी ने शिष्टमंडल को आश्वस्त किया कि उनकी मांगों एवं समस्याओं से शासन स्तर को अवगत कराया जाएगा तथा नियमानुसार उचित कार्रवाई के लिए पत्र अग्रसारित किया जाएगा। शिष्टमंडल में सभासद सरला रावत, पूजा देवी, व्यापार संघ अध्यक्ष राजीव भट्ट, नवदीप नेगी, कर्मवीर बर्त्वाल, प्रकाश गुसाई, जगदीश लाल, कर्मवीर कुंवर मौजूद रहे।





