आस्था एक ओर अद्भुत संगम बीजानगरी में स्थित श्री हरसिद्धि माता मंदिर प्राचीनकाल से प्रज्वलित है आस्था की अखंड ज्योत –

Spread the love

 

संवाददाता आगर मालवा : गोवर्धन कुम्भकार

 

             (नया अध्याय, उत्तराखण्ड)                                              (w) 6395080071

 

 

        आस्था एक ओर अद्भुत संगम बीजानगरी में स्थित श्री हरसिद्धि माता मंदिर प्राचीनकाल से प्रज्वलित है आस्था की अखंड ज्योत –

 

               नवरात्र विशेष खबर

 

 

           आगर-मालवा:  जिले के बड़ौद विकासखंड के अंतर्गत महज 18 किलोमीटर दूर तथा जिला मुख्यालय से लगभग 20 किलोमीटर दूर ग्राम बीजानगरी में श्री हरसिद्धि माता का प्राचीन मंदिर स्थित है। यह मंदिर उज्जैन की प्रसिद्ध हरसिद्धि माता का द्वितीय स्वरूप एवं छोटी बहन के रूप में पूजित है तथा राज्य शासन द्वारा राज्य संरक्षित स्मारक घोषित है।

 

               पुरातत्व विभाग, भोपाल के बोर्ड के अनुसार मंदिर के बाहा मुख पर लगे शिलालेख से ज्ञात होता है कि यह मंदिर भूमिज शैली में निर्मित है तथा घट-पालव आकृक्तियों से सुसज्जित है।

                      आधार योजना में गर्भगृह, मंडप, जंघा, कटि, स्कन्ध, शिखर एवं कलश इसकी विशेषता हैं। परिसर में वामन, शेषशायी विष्णु, ब्रह्मा, लक्ष्मीनारायण, गणेश, कार्तिकेय, शिव-उमा-महेश्वर आदि की प्राचीन प्रतिमाओं के अवशेष प्राप्त हुए हैं, जो यह सिद्ध करते हैं कि यहाँ पूर्व में अत्यंत भव्य एवं विशाल मंदिर रहा होगा। इतिहासकारों के अनुसार यह मंदिर मध्यकालीन 10 वीं शताब्दी में निर्मित है।

 

        शास्त्रों के अनुसार उज्जैन में माता सती के दाहिने हाथ की कोहनी गिरी थी, जहाँ हरसिद्धि शक्तिपीठ बना। स्थानीय इतिहास राजा विक्रमादित्य के भानजे राजा विजय सिंह से जुड़ा है, जिन्होंने 12 वर्ष की साधना के बाद माता के स्वप्न आदेश पर नदी तट पर मंदिर बनवाया। राजा ने पूर्वमुखी मंदिर बनवाया था, पर प्रातः उसका द्वार स्वतः पश्चिममुखी हो गया।

 

         मान्यताएँ एवं परंपराएँ: क्षेत्र के श्रद्धालुओं के अनुसार मंदिर में प्राचीनकाल से ही अखंड ज्योत प्रज्वलित है जो तेज आंधी में भी नहीं बुझती। माता की प्रतिमा दिन में तीन रूप बदलती है प्रातः बाल रूप, दोपहर युवा रूप एवं सायं वृद्धा रूप। यह वैष्णव मंदिर है, पूजा सात्विक है।

 

                    मंदिर की दो विशेष परंपराएँ हैं मनोकामना हेतु प्रांगण में गोबर की सातियों को उल्टा रखना और पूर्ण होने पर सीधा करना, तथा नवरात्रि में घट स्थापना से अष्टमी तक नारियल न फोड़ना। अखंड ज्योत हेतु सामान्य दिनों में डेढ़ क्विंटल तथा नवरात्रि में 10 से 25 क्विंटल तेल लगता है।

 

  जन सहयोग के प्रमाण शिलालेखजन आस्था के साक्षी हैं: स्व. श्री कमलाबाई जिनकी कोई संतान नहीं थी, उनकी इच्छानुसार लसुड़िया केलवा स्थित ससुराल की जमीन बेचकर प्राप्त राशि ? 3,61,000 से 17-12-2020 को मंदिर मार्ग पर भव्य प्रवेश द्वार का निर्माण बीजानगरी के पटेल ठा. जसवंत सिंह की राय से व भतीजे सरदार सिंह, हरि सिंह लोहार के सहयोग से कराया गया है।

 

             मंदिर के मुख्य पुजारी श्री कालूराम जी व्यास एवं श्री रामचंद्र जी व्यास हैं, जिनका परिवार स्थापना काल से ही पीढ़ी-दर-पीढ़ी पूजा करता आ रहा है। वर्तमानपुजारी पं. मोहन व्यास एवं पं. सोनू व्यास ने बताया कि पूरे ग्रामवासी मिलकर अखंड ज्योति जलाते हैं तथा माता के जल से रोगियों के स्वस्थ होने की मान्यता है।

 

            चौमेला राजस्थानी से आएं दर्शनार्थी श्री नरेश निगम ने बताया कि माता की उनके परिवार पर असीम कृपा रही है। उनकी बेटी को माताजी के आशीर्वाद से ही संतान सुख मिला है। उन्होंरने कहा कि जब उनकी बेटी को संतान के रूप में बेटे का जन्मन हुआ, तो लखनउ के चिकित्सटकों ने शिशु के दिल में छेद होने के बारे में बताया। फिर उन्होंमने ने माता हरसिद्धी से जच्चाच-बच्ची के स्वेस्यरे होने की प्रार्थना की और माताजी के आशीर्वाद से ही कुछ दिनों बाद शिशु की पुन जांच करवाई तो वह स्वेस्य्स्य पाया गया। आज माँ-बेटा दोनों स्विस्यंच है।

  • Related Posts

    संस्कृति की जड़ों से जुड़ी पथवारी पूजन परम्परा।

    Spread the love

    Spread the love  डॉ. निर्मला शर्मा                     (नया अध्याय, उत्तराखण्ड)                       …

    गुटनिरपेक्षता से बहु-संलग्नता: नए भू-राजनीतिक परिदृश्य में भारत की रणनीतिक स्वायत्तता और आर्थिक आत्मनिर्भरता।

    Spread the love

    Spread the love    संजय सोंधी                                                 …

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    You Missed

    गैड़-बष्टी मोटर मार्ग निर्माण को लेकर ग्रामीणों का श्रमदान जारी।

    • By User
    • October 16, 2026
    • 2 views
    गैड़-बष्टी मोटर मार्ग निर्माण को लेकर ग्रामीणों का श्रमदान जारी।

    आस्था एक ओर अद्भुत संगम बीजानगरी में स्थित श्री हरसिद्धि माता मंदिर प्राचीनकाल से प्रज्वलित है आस्था की अखंड ज्योत –

    • By User
    • October 16, 2026
    • 6 views
    आस्था एक ओर अद्भुत संगम बीजानगरी में स्थित श्री हरसिद्धि माता मंदिर प्राचीनकाल से प्रज्वलित है आस्था की अखंड ज्योत –

    संस्कृति की जड़ों से जुड़ी पथवारी पूजन परम्परा।

    • By User
    • October 16, 2026
    • 8 views
    संस्कृति की जड़ों से जुड़ी पथवारी पूजन परम्परा।

    बीकेटीसी के अस्थायी कर्मचारियों के आंदोलन को कांग्रेस का समर्थन। 

    • By User
    • October 16, 2026
    • 8 views
    बीकेटीसी के अस्थायी कर्मचारियों के आंदोलन को कांग्रेस का समर्थन। 

    ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक पहचान लक्ष्मी भंडार हुक्का क्लब में रामलीला आयोजित।

    • By User
    • October 16, 2026
    • 12 views
    ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक पहचान लक्ष्मी भंडार हुक्का क्लब में रामलीला आयोजित।

    गुटनिरपेक्षता से बहु-संलग्नता: नए भू-राजनीतिक परिदृश्य में भारत की रणनीतिक स्वायत्तता और आर्थिक आत्मनिर्भरता।

    • By User
    • October 16, 2026
    • 11 views
    गुटनिरपेक्षता से बहु-संलग्नता: नए भू-राजनीतिक परिदृश्य में भारत की रणनीतिक स्वायत्तता और आर्थिक आत्मनिर्भरता।