


सम्पादक रुद्रप्रयागः लक्ष्मण सिंह नेगी
(नया अध्याय, उत्तराखण्ड)
भगवती नन्दा की दूसरी भजन संध्या
स्थानीय कलाकारों के नाम रही।
केदारघाटी मंडाल ग्रुप की ‘अर्जुन की नागलोक यात्रा’ बनी मुख्य आकर्षण।
राज्य मंत्री चण्डी प्रसाद भट्ट सहित जनप्रतिनिधियों
ने की लोक संस्कृति के संरक्षण की सराहना।
ऊखीमठः तृतीय केदार भगवान तुंगनाथ के शीतकालीन गद्दी स्थल मक्कूमठ में में जगत कल्याण की कामना के लिए तपस्यारत भगवती नन्दा के पर्यटक गांव सारी आगमन पर आयोजित दूसरी भजन संध्या स्थानीय कलाकारों के नाम रही। धार्मिक आस्था, लोक संस्कृति और पारंपरिक प्रस्तुतियों से सजी भजन संध्या में क्षेत्रीय कलाकारों ने अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन कर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम में आचार्य कृष्णानंद नौटियाल के निर्देशन में केदारघाटी मंडाल ग्रुप की ओर से प्रस्तुत ‘अर्जुन की नागलोक यात्रा’ विशेष आकर्षण का केंद्र रही। पौराणिक प्रसंग पर आधारित इस प्रस्तुति ने दर्शकों को लोक परंपराओं और धार्मिक आख्यानों से रूबरू कराया।
भजन संध्या में राज्य मंत्री चण्डी प्रसाद भट्ट ने बतौर मुख्य अतिथि तथा नगर पंचायत अध्यक्ष श्रीमती कुब्जा धर्म्वाण और जिला पंचायत सदस्य परकण्डी श्रीमती प्रीति पुष्पवाण ने विशिष्ट अतिथि के रूप में शिरकत की। अतिथियों ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया तथा भगवती नन्दा के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त की। इस अवसर पर स्थानीय कलाकारों को मंच प्रदान करने और क्षेत्र की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को जन-जन तक पहुंचाने के प्रयासों की सराहना की गई।
लोक संस्कृति के संरक्षण में अहम भूमिका निभा रहे कलाकार
मुख्य अतिथि राज्य मंत्री चण्डी प्रसाद भट्ट ने कहा कि उत्तराखंड की धार्मिक परंपराएं, लोकगाथाएं और सांस्कृतिक आयोजन हमारी विशिष्ट पहचान हैं। भगवती नन्दा की देवयात्रा जैसे आयोजन समाज को अपनी जड़ों से जोड़ने के साथ ही नई पीढ़ी को अपनी परंपराओं और मान्यताओं से परिचित कराने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। उन्होंने कहा कि स्थानीय कलाकार अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से लोक संस्कृति को जीवंत बनाए हुए हैं। ऐसे आयोजनों में उन्हें प्राथमिकता के साथ मंच उपलब्ध कराया जाना चाहिए, जिससे उनकी प्रतिभा को प्रोत्साहन मिलने के साथ पारंपरिक विधाओं का संरक्षण भी हो सके।
नगर पंचायत अध्यक्ष श्रीमती कुब्जा धर्म्वाण ने कहा कि भगवती नन्दा का आगमन क्षेत्रवासियों के लिए श्रद्धा और गौरव का विषय है। देवी से जुड़ी धार्मिक परंपराएं हमारी सांस्कृतिक विरासत का अभिन्न अंग हैं। भजन संध्याओं और पारंपरिक सांस्कृतिक कार्यक्रमों के आयोजन से क्षेत्र में धार्मिक वातावरण निर्मित होने के साथ ही आपसी मेल-मिलाप और सामाजिक एकता को भी मजबूती मिलती है। उन्होंने स्थानीय कलाकारों की प्रस्तुतियों की सराहना करते हुए ऐसे आयोजनों को लोक संस्कृति के संवर्धन के लिए महत्वपूर्ण बताया।
जिला पंचायत सदस्य परकण्डी श्रीमती प्रीति पुष्पवाण, त्रिभुवन चौहान, कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष विनोद राणा ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। आवश्यकता उन्हें उचित मंच और प्रोत्साहन देने की है। भगवती नन्दा के आगमन पर आयोजित भजन संध्या में स्थानीय कलाकारों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर मिलना सुखद पहल है। उन्होंने कहा कि धार्मिक आयोजनों के माध्यम से क्षेत्र की लोक परंपराओं, पौराणिक गाथाओं और सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने के प्रयास निरंतर जारी रहने चाहिए, ताकि आने वाली पीढ़ियां भी अपनी समृद्ध परंपराओं से परिचित हो सकें।
भजन संध्या का प्रमुख आकर्षण आचार्य कृष्णानंद नौटियाल के निर्देशन में केदारघाटी मंडाल ग्रुप की पौराणिक प्रस्तुति ‘अर्जुन की नागलोक यात्रा’ रही। महाभारत से जुड़े प्रसंग को लोक शैली में प्रस्तुत कर कलाकारों ने दर्शकों के सामने पौराणिक आख्यानों का सजीव चित्रण किया। प्रस्तुति के दौरान दर्शकों ने कलाकारों का उत्साहवर्धन किया। कार्यक्रम ने यह संदेश भी दिया कि लोकनाट्य और पारंपरिक प्रस्तुतियां मनोरंजन के साथ-साथ धार्मिक एवं सांस्कृतिक ज्ञान के प्रसार का प्रभावी माध्यम हैं।
देवभूमि की सांस्कृतिक विरासत को मिल रहा नया मंच
पर्यटक गांव सारी में भगवती नन्दा के आगमन पर आयोजित धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों से पूरे क्षेत्र में भक्तिमय वातावरण बना हुआ है। भजन संध्या में स्थानीय कलाकारों की भागीदारी ने आयोजन को विशेष पहचान दी। धार्मिक आस्था के साथ लोक संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन का संदेश देने वाली इस संध्या में कलाकारों की प्रस्तुतियों ने दर्शकों का मन मोह लिया।
भव्य धार्मिक आयोजन के माध्यम से सारी गांव में उत्तराखंड की लोक परंपराओं, पौराणिक मान्यताओं और सांस्कृतिक विरासत की जीवंत झलक देखने को मिली। भगवती नन्दा के प्रति अटूट आस्था के बीच आयोजित इस भजन संध्या ने स्थानीय कलाकारों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर देने के साथ ही देवभूमि की सांस्कृतिक पहचान को सुदृढ़ करने का संदेश दिया। मेला समिति अध्यक्ष जगदीश नेगी ने सभी आगंतुकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि जनमानस के सहयोग से भविष्य में नन्दा मेले को भव्य रूप देने की सामूहिक पहल की जायेगी। भजन संध्या की अध्यक्षता वन पंचायत सरपंच देवेन्द्र सिंह नेगी ने की जबकि संचालन उपेन्द्र भट्ट व मयंक नेगी ने संयुक्त रूप से किया। इस मौके पर प्रधान अनीता देवी, सभासद सरला रावत, प्रदीप धर्म्वाण, अंजनेश पंवार, कुलदीप रावत, रविन्द्र पुष्वाण, जगदीश मैठाणी, दलवीर रावत, मेला कोषाध्यक्ष गजपाल भट्ट, उपाध्यक्ष हर्षमोहन नेगी, सह सचिव धर्मेन्द्र भट्ट, अंकित सिंह नेगी, हनुमंत सिंह नेगी, देवेन्द्र सिंह नेगी, आनन्द सिंह नेगी सहित भारी संख्या में दर्शक मौजूद रहे।






