संवाददाता आगर मालवा : गोवर्धन कुम्भकार
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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आगर जिले के नलखेड़ा में माँ बगलामुखी मंदिर परिसर में भव्य देवी लोक परियोजना का भूमि-पूजन किया।
प्रथम चरण में 85.40 करोड़ की लागत के भव्य देवी लोक निर्माण कार्यों की गैंती चलाकर की शुरुआत।
आगर-मालवा : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार को आगर जिले के नलखेड़ा में विश्व प्रसिद्ध माँ बगलामुखी मंदिर परिसर में भव्य देवी लोक परियोजना का भूमि-पूजन किया। प्रारंभ में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने माँ बगलामुखी मंदिर पहुँचकर माता जी के दर्शन किए, पूजा-अर्चना की तथा प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की प्रार्थना की। तत्पश्चात वैदिक मंत्रोच्चार के साथ उन्होंने भव्य देवी लोक परियोजना के प्रथम चरण के कार्यों का भूमि-पूजन कर गैंती चलाकर निर्माणकार्य का शुभारंभ किया।
माँ बगलामुखी देवी लोक का निर्माण कुल 55 एकड़ क्षेत्र में किया जा रहा है, जिसके प्रथम चरण में लगभग 85.40 करोड़ रुपये की लागत से भव्य निर्माण कार्य किए जाएंगे। प्रथम चरण में मुख्य मंदिर का 108 फीट ऊँचा शिखर, 2,800 वर्गमीटर में मंदिर के गर्भगृह एवं ऊपरी संरचना का निर्माण तथा पत्थर की क्लैडिंग, मंदिर कॉरिडोर एवं प्रांगण का विकास, धार्मिक अनुष्ठानों के लिए 220 यज्ञशालाओं का विकास, 625 वर्गमीटर में गौशाला, VVIP भवन, 4 भव्य प्रवेश द्वार, संपूर्ण परिसर की बाउंड्री वॉल, चारपहिया वाहन पार्किंग, बस पार्किंग, शौचालय ब्लॉक, लैंडस्केपिंग एवं साइट डेवलपमेंट सहित आंतरिक-बाहरी विद्युत व्यवस्था, फसाड लाइटिंग एवं अग्निशमन व्यवस्था जैसे आधारभूत कार्य सम्मिलित हैं।
प्रदेश में 14 धार्मिक स्थलों पर करोंडों के विकास एवं निर्माण कार्य हो रहे हैं।
अपने उद्बोधन में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि उज्जैन में महाकाल महालोक निर्माण के साथ ही पूरा क्षेत्र बदल रहा है। आगर से सुसनेर-झालावाड़ तक का फोरलेन तो बनेगा ही, आमला से नलखेड़ा तक एक और नए फोरलेन निर्माण कार्य का भूमि-पूजन भी किया गया है। इससे नलखेड़ा में माँ बगलामुखी के दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को सुविधा मिलेगी।
माँ बगलामुखी देवी लोक प्रथम चरण के प्रमुख कार्य
विश्व प्रसिद्ध माँ बगलामुखी देवी लोक परियोजना का निर्माण कुल 55 एकड़ क्षेत्र में किया जा रहा है। इसके प्रथम चरण में लगभग 85.40 करोड़ रुपये की लागत से भव्य निर्माण कार्य प्रस्तावित हैं।
प्रथम चरण में मुख्य शिखर की ऊँचाई 108 फीट होगी। मुख्य मंदिर का निर्माण 2,800 वर्गमीटर क्षेत्र में किया जाएगा, जिसमें मंदिर के गर्भगृह एवं ऊपरी संरचना का निर्माण तथा पत्थर की क्लैडिंग का कार्य सम्मिलित है। धार्मिक अनुष्ठानों एवं वैदिक यज्ञों के लिए 220 यज्ञशालाओं का विकास किया जाएगा। इसके साथ ही 625 वर्गमीटर क्षेत्र में गौशाला का निर्माण किया जाएगा। श्रद्धालुओं की सुगम आवाजाही एवं दर्शन व्यवस्था हेतु मंदिर कॉरिडोर एवं प्रांगण का विकास किया जाएगा। विशिष्ट अतिथियों हेतु आवश्यक सुविधाओं के साथ VVIP भवन का निर्माण होगा। परिसर में 4 भव्य मुख्य प्रवेश द्वारों का निर्माण तथा 55 एकड़ के संपूर्ण परिसर की सुरक्षा हेतु बाउंड्री वॉल का निर्माण किया जाएगा।
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए चारपहिया वाहन पार्किंग, बस पार्किंग तथा शौचालय ब्लॉक का निर्माण किया जाएगा। परिसर का समग्र भूमि विकास, उद्यान एवं हरित क्षेत्रों के सौंदर्यीकरण हेतु लैंडस्केपिंग एवं साइट डेवलपमेंट का कार्य किया जाएगा।
इसके अतिरिक्त आधारभूत सुविधाओं के अंतर्गत आंतरिक एवं बाहरी विद्युत व्यवस्था, फसाड लाइटिंग, बाहरी प्लंबिंग, अग्निशमन व्यवस्था एवं अन्य आवश्यक सेवाओं का विकास किया जाएगा।
जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी संभागायुक्त उज्जैन एडीजी, कलेक्टर, प्रभारी पुलिस अधीक्षक, एडीएम,सीईओ जिला पंचायत सहित अन्य अधिकारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन श्रद्धालुजन उपस्थित थे।






