संवादाता नवापारा राजिमः सुश्री सरोज कंसारी रायपुर (छ. ग)
(नया अध्याय, उत्तराखण्ड (w) 6395080071
नवापारा-राजिम के झूलेलाल बस्ती में संघ का विजयादशमी उत्सव, स्वयंसेवकों ने किया पथ संचलन।
संघ के 100 वर्ष पूर्ण होने पर पंच परिवर्तन का संदेश, देशभक्ति गीतों के साथ अनुशासित कदमताल करते निकले स्वयंसेवक।
नवापारा-राजिमः नगर के झूलेलाल बस्ती में विजयादशमी के पावन अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ द्वारा विजयादशमी उत्सव एवं पथ संचलन का आयोजन उत्साह, अनुशासन और राष्ट्रभाव के साथ किया गया। कार्यक्रम में स्वयंसेवकों ने एकजुटता, सामाजिक समरसता और राष्ट्रसेवा का संदेश देते हुए समाज के प्रति अपने दायित्वों के निर्वहन का संकल्प लिया।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता जिला कार्यवाह श्री चंद्रशेखर नागेश ने अपने उद्बोधन में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की 100 वर्षों की यात्रा, उद्देश्यों और समाज जीवन में संगठन की भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने संघ के शताब्दी वर्ष के संदर्भ में पंच परिवर्तन की अवधारणा को महत्वपूर्ण बताते हुए सामाजिक समरसता, कुटुंब प्रबोधन, पर्यावरण संरक्षण, स्वदेशी जीवनशैली तथा नागरिक कर्तव्यों के प्रति जागरूकता पर जोर दिया।
अनुशासन, समर्पण और सेवाभाव स्वयंसेवक के प्रमुख गुण
श्री नागेश ने एक आदर्श स्वयंसेवक के गुणों की चर्चा करते हुए कहा कि अनुशासन, समर्पण, सेवाभाव, विनम्रता, समयपालन और समाज के प्रति उत्तरदायित्व की भावना प्रत्येक स्वयंसेवक के जीवन का अभिन्न हिस्सा होना चाहिए। उन्होंने कहा कि एक अच्छा कार्यकर्ता अपने आचरण, व्यवहार और सेवा कार्यों के माध्यम से समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने का प्रयास करता है।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में सिंधी समाज के प्रतिनिधि एवं नगर के प्रतिष्ठित व्यवसायी श्री संतदास फोटानी उपस्थित रहे। वहीं, नगर के वरिष्ठ पत्रकार श्री रमेश पहाड़िया की गरिमामयी उपस्थिति रही।
देशभक्ति गीतों के साथ निकला पथ संचलन
कार्यक्रम के दौरान स्वयंसेवकों ने अनुशासित ढंग से कदम से कदम मिलाकर पथ संचलन किया। देशभक्ति एवं सामाजिक एकता के गीत गाते हुए स्वयंसेवक नगर भ्रमण पर निकले। संचलन के माध्यम से जाति-पाति के भेदभाव से ऊपर उठकर सामाजिक समरसता, आपसी सद्भाव और राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने का संदेश दिया गया।
सबसे कम उम्र के स्वयंसेवक आर्ष जैन रहे आकर्षण का केंद्र
कार्यक्रम का विशेष आकर्षण सबसे कम उम्र के स्वयंसेवक आर्ष जैन की सहभागिता और संचालन रहा। उनकी सक्रिय भागीदारी ने उपस्थित लोगों का ध्यान आकर्षित किया। यह सहभागिता नई पीढ़ी में अनुशासन, सेवा और राष्ट्रभाव के संस्कारों की झलक प्रस्तुत करती नजर आई।
कार्यक्रम का समापन सामाजिक एकता, राष्ट्रसेवा और समाज के प्रति अपने कर्तव्यों का निष्ठापूर्वक निर्वहन करने के संकल्प के साथ हुआ। आयोजन ने नगरवासियों के बीच संगठन, अनुशासन, आपसी सद्भाव और सामाजिक समरसता का संदेश दिया।






