ब्यूरो बिलासपुरः सुनील चिंचोलकर
(नया अध्याय, देहरादून) (w) 6395080071
जैविक कृषि के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ के यश मिश्रा ने हासिल किया तृतीय स्थान।
भारतीय किसान संघ ने सलकनपुर में किया सम्मानित, प्रशस्ति पत्र के साथ मिला 21 हजार रुपये का पुरस्कार।
जैविक खेती को बढ़ावा देने में उल्लेखनीय योगदान।
बिलासपुर, छत्तीसगढ़: जैविक कृषि को बढ़ावा देने और किसानों को प्राकृतिक एवं जैविक खेती के प्रति जागरूक करने के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ के यश मिश्रा ने उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। भारतीय किसान संघ द्वारा मध्य प्रदेश एवं छत्तीसगढ़ में उत्कृष्ट जैविक कृषि करने वाले किसानों को सम्मानित करने के लिए मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम के पास सलकनपुर में कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें छत्तीसगढ़ में जैविक कृषि का अलख जगाने वाले यश मिश्रा ने तृतीय स्थान प्राप्त कर प्रदेश का गौरव बढ़ाया।
जैविक कृषि तकनीक और डायरेक्ट मार्केटिंग को प्रोत्साहन
भारतीय किसान संघ द्वारा ऐसे किसानों को सम्मानित किया गया, जो जैविक कृषि तकनीकों के प्रचार-प्रसार, किसानों में जागरूकता बढ़ाने और अपने कृषि उत्पादों की डायरेक्ट मार्केटिंग के माध्यम से बेहतर बाजार उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य कर रहे हैं। यश मिश्रा ने जैविक कृषि के प्रति जागरूकता फैलाने और किसानों को इस पद्धति से जोड़ने के अपने प्रयासों के चलते यह उपलब्धि हासिल की। उनका यह सम्मान छत्तीसगढ़ में जैविक खेती को प्रोत्साहित करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
प्रशस्ति पत्र और 21 हजार रुपये की सम्मान राशि से नवाजे गए।
सलकनपुर में आयोजित सम्मान समारोह में यश मिश्रा को तृतीय स्थान प्राप्त करने पर प्रशस्ति पत्र एवं 21 हजार रुपये की सम्मान राशि प्रदान की गई। यह सम्मान राज्यपाल कप्तान सिंह सोलंकी, नर्मदापुरम के सांसद दर्शन सिंह तथा आध्यात्मिक संत दादागुरु के हाथों प्रदान किया गया। इस उपलब्धि से जैविक कृषि के क्षेत्र में कार्य कर रहे किसानों को प्रोत्साहन मिलेगा और अधिक से अधिक किसान टिकाऊ एवं पर्यावरण अनुकूल कृषि पद्धतियों को अपनाने के लिए प्रेरित होंगे। यश मिश्रा की यह सफलता छत्तीसगढ़ में जैविक खेती के विस्तार की दिशा में एक सकारात्मक कदम है।






