अवधेश प्रताप सिंह कानपुर, उत्तर प्रदेश
(नया अध्याय, उत्तराखण्ड) (w) 6395080071
दोस्तों अगर आपको सोशल मीडिया पर पहचान बनाकर पैसा और राजनीतिक फायदा चाहिए है तो एक आसान उपाय बता रहा हूँ ध्यान से पढ़ना…..
बाबा बागेश्वर की कोई कथा उठाओ उसका कोई भी वीडियो बिना पूरे संदर्भ के एडिट करो और उसको वायरल करके अपना बयान ठोक दो।
बागेश्वर बाबा और उनके समाज उपयोगी कार्यों को जाने बग़ैर उनको गालियाँ देना धमकाना शुरू कर दो,देखते ही देखते समाज का एक तबका जो आपकी ही तरह बिना दिमाग़ लगाये वीडियो देखता है वह आपके साथ हो जाएगा और रातों रात आप स्टार बन जाओगे।
हो सकता कुछ लोग आपकी चोरी पकड़कर आपको गरियाना शुरू कर दें।
लेकिन आपको उसकी परवाह नहीं करना है क्योंकि सफलता का यही शॉर्टकट है।
इन दिनों भारत के चालीस पचास नेता, इन्फ़्लुएंसर्स और कुछ सनातन विरोधी टुच्चे यही कर रहे हैं।
अब ताजा विवाद क्या है उसको समझो, जिसके कारण मुझे यह सब कहना पड़ रहा है। हाल ही में सनातन को जातीयों में बाँटने वाले कुछ दोगले लोगों ने यह कहना शुरू कर दिया है कि बागेश्वर बाबा ने भगवान कृष्ण को लेकर, उनके रूप रंग और उनकी लीलाओं को लेकर कुछ आपत्तिजनक बयान दिया है और उनके इन कथित बयानों को आधार बनाकर बाबा बागेश्वर को सोशल मीडिया पर प्रायोजित ट्रोल कराया जा रहा है।
अब आते हैं हकीकत पर दरअसल हिंदू सनातन संस्कृति इतनी उदार और विस्तृत है कि इसे बिना गहराई से जाने पूरी तरह समझा ही नहीं जा सकता और जिन लोगों ने लोकसाहित्य और धर्म को सिर्फ राजनीति के लिए पढ़ा हो उनको तो यह बिल्कुल भी समझ नहीं आता है
यह कोई और धर्म नहीं हैं की कोई दूसरी कठोर परंपरा रही हो। यह सनातन है यहाँ प्रेम और करुणा के साथ हर भक्त को अपने आराध्य से भाव पूर्वक व्यवहार की अनुमति दी जाती है।
जैसे मिथिला में आज भी भगवान राम को जमाई राजा मानकर वहाँ की महिलाएँ भगवान राम को प्यार से उलाहना भरी गारियाँ सुनाती हैं, अब आप कहो कि यह कैसे लोग हैं जो अपने ही भगवान के स्वरूप का मजाक बनाते हैं
अरे भाई यही तो बात है, तुम सनातन को समझने के लिए अभी और पढ़ो थोड़ा इसे जानो हमारा भगवान हमारे हृदय में विराजमान प्रेम और करुणा की मूर्ति है वह हंटर लेकर क़यामत का इंतज़ार नहीं कर रहा है।
खैर मुद्दे पर आते हैं
तो हम बात कर रहे थे बाबा बागेश्वर के उस कथित बयान की, जिसको लेकर कुछ दोगले उन्हें ट्रोल कर रहे हैं।
दरअसल बाबा बागेश्वर अपनी किसी कथा के दौरान कोई बात बोलते है तो अधूरा कट करके उसको सोशल मीडिया पर फैलाया जाता है फिर उसको कुछ निची मानसिकता के लोग उसे पकड़ कर बयानबाजी करते है खैर दानव हमेशा से है।
बागेश्वर धाम सरकार
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