सौजन्य: सुरंगमा (सम्पादक)
(नया अध्याय, उत्तराखण्ड) (w)6395080071
नई दिल्ली / मुंबईः नया पुस्तक विमोचन: Menopause Unspoken (मेनोपॉज अनस्पोकन) —खामोशी के पार, एक नए वसंत की शुरुआत।
ऐसी दुनिया में जहाँ महिलाओं के जीवन के सबसे महत्वपूर्ण पड़ाव ‘मेनोपॉज’ (रजोनिवृत्ति) को अक्सर खामोशी से सहा जाता है, ‘मेनोपॉज अनस्पोकन’ (Menopause Unspoken) बेबाक साहस, वैज्ञानिक दृष्टिकोण और गहरी आत्मीयता के साथ इस चुप्पी को तोड़ती है।
यह चर्चित पुस्तक सुरंगमा द्वारा रचित है—जो एक प्रतिष्ठित लेखिका, ‘सोच पब्लिकेशन हाउस’ की संस्थापिका और महिलाओं एवं नए रचनाकारों को सशक्त मंच प्रदान करने वाली विचारशील प्रकाशक हैं। सुरंगमा जी ने इस पुस्तक में केवल डॉक्टरी तथ्यों तक सीमित न रहकर, मेनोपॉज के दौरान होने वाले मानसिक, शारीरिक और भावनात्मक बदलावों को बेहद संवेदनशीलता से उकेरा है। सोच पब्लिकेशन हाउस द्वारा प्रकाशित यह रचना जीवन के इस मोड़ को किसी ठहराव के रूप में नहीं, बल्कि आत्म-खोज, परिपक्वता और स्वाभिमान के एक शक्तिशाली ‘दूसरे वसंत’ के रूप में प्रस्तुत करती है।
यह पुस्तक हर उस महिला और उसके परिवार के लिए एक आवश्यक मार्गदर्शिका है, जो बदलाव के इस दौर को सम्मान और सहजता के साथ समझना चाहते हैं।
पुस्तक विवरण: ‘मेनोपॉज अनस्पोकन’ (Menopause Unspoken) | लेखिका: सुरंगमा | प्रकाशन: सोच पब्लिकेशन हाउस | विधा: नॉन-फिक्शन (महिला स्वास्थ्य एवं आत्म-विकास) | उपलब्धता: अमेजन (Kindle & Paperback) एवं प्रमुख ऑनलाइन प्लेटफार्म्स पर।







