जौनपुर से संपादकः पंकज सीबी मिश्रा की रिपोर्ट ✍️
पूर्वांचल विवि जौनपुर के साइंस फैकल्टी में तीन दिवसीय कार्यशाला का आयोजन।
जनपद जौनपुर में स्थित वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय में बायोटेक्नोलॉजी, माइक्रोबायोलॉजी एनवायरमेंटल साइंस, बायोकेमेस्ट्री विभाग एवं एमआरडी लाइफ साइंसेस लखनऊ द्वारा गुरुवार से तीन दिवसीय कार्यशाला का आयोजन हुआ। जिसे प्रथम दिन यूनिवर्सिटी के विज्ञान फैकल्टी और बायोटेक्नोलॉजी के वक्ताओं नें सम्बोधित किया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि प्रोफेसर राजेंद्र सिंह (रज्जू भैया) संस्थान के निदेशक प्रो. प्रमोद कुमार यादव रहे। उन्होंने बताया कि बदलते हुए वैश्विक परिवेश में कौशल विकास और हैंड्स ऑन ट्रेनिंग में मॉलिक्यूलर बायोलॉजी के टूल्स तकनीक का महत्व बताते हुए प्रकाश डाला। कार्यक्रम का शुभारंभ विज्ञान संकाय में हुआ जिसके प्रथम सत्र में एमआरडी लाइफ साइंसेज के निदेशक मनोज वर्मा ने वर्कशॉप में होने वाले समस्त प्रैक्टिकल जैसे डीएनए आइसोलेशन, मॉलिक्यूलर क्लोनिंग , इलेक्ट्रोफोरेसिस जैसे महत्वपूर्ण तकनीक पर विस्तार से चर्चा की। वहीं अपने सम्बोधन में माइक्रोबायोलॉजी विभाग के विभगाध्यक्ष प्रो. राजेश शर्मा नें कहा कि नॉलेज, हार्डवर्क, एटीट्यूड से सफलता मिलती है इसलिए प्रयास जारी रखिए। विज्ञान और तकनिकी आज के दैनिक जीवन में महत्वपूर्ण है।उन्होंने छात्रों को सफलता का सूत्र बताते हुए और इस बार पर जोर दिया कि जो ज्ञान आप कक्षाओं में प्राप्त करते हैं उसको आप इस तीन दिवसीय कार्यशाला में अधिक से अधिक लाभ प्राप्त करें। सेमिनार आयोजन की विस्तृत जानकारी देते हुए जनपद के पत्रकार और शोध छात्र पंकज सीबी मिश्रा नें बताया कि वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के विज्ञान संकाय अंतर्गत संचालित पाठ्यक्रमों के अभिरूचि में कुलपति प्रो. वंदना सिंह के प्रेरणा से तीन दिवसीय 26 से 28 सितम्बर 2024 तक कार्यशाला का आयोजन हुआ है । कार्यक्रम में 100 विद्यार्थियों ने प्रतिभाग किया जिसमें विश्वविद्यालय परिसर के तथा मोहम्मद हसन कॉलेज के विद्यार्थी सम्मिलित रहे। कार्यक्रम का संचालन माइक्रोबायोलॉजी विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ एस पी तिवारी ने किया जबकि धन्यवाद ज्ञापन बायोकेमिस्ट्री विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ मनीष कुमार गुप्ता ने दिया। इस अवसर पर विज्ञान संकाय के प्रो. राम नारायण , ऋषि श्रीवास्तव, डॉ. सिपाही लाल पटेल , डॉ. दिनेश कुमार, डॉ. श्वेता श्रीवास्तव. डॉ. प्रतिमा श्रीवास्तव, डॉ.ईषानी भारती आदि उपस्थित रहे।








