ब्यूरो उत्तरकाशीः चंद रमोला।
चौपाल में अधिकारियों की कमी से ग्रामीण हुये मायूश, महज खानापूर्ति बनी चौपाल।
दिन भर ग्रामीण तेज धूप में गांव की चौपाल पर बैठकर यह आश लगाये बैठे थे कि आज पहली बार उनके गांव में अधिकारी पहुंच रहे हैं और उनके गांव की समस्याएं आज परवान चढ़ेगी मगर जहां बीस विभागो के अधिकारियों को आना था वहां एक ही विभाग के अधिकारी उपस्थित हुए जिससे ग्रामीणो को मायूस होना पड़ा हालांकि उन्होंने अपनी क्षेत्र की सभी आवश्यक समस्याओं को चौपाल में उपस्थित लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता के माध्यम से सबंधित विभागो को निस्तारण के लिए भेज दी।
मामला प्रखंड चिन्यालीसौड़ के बागी गांव का है जहां जिलाधिकारी मेहरबान सिंह बिष्ट ने सरकार जनता के द्वार की मंशा से चौपाल लगाने के लिए मुख्य विकास अधिकारी को आदेशित किया था । सीडीओ ने लोक निर्माण खंड केअधिशासी अभियंता निर्माण खंड मनोज दास को इस चौपाल का नोडल अधिकारी बनाकर 25 सितंबर के लिए चौपाल लगाने का सर्कुलर जारी किया जिसमे जन कल्याणकारी योजनाओं का अवलोकन, स्थलीय निरीक्षण , क्रियान्वयन और सत्यापन के अलावा राजस्व, बिजली, पानी स्वास्थ्य के हालात समझने उनके निराकरण की बात कही गई थी मगर इस चौपाल में निर्माण खंड के अलावा अन्य किसी विभाग के अधिकारी कर्मचारी नहीं पहुचे । चौपाल में ग्रामीणों ने उपस्थित अधिकारी के समक्ष गांव की समस्याओं का जिक्र किया और अफशोस जताया कि जल जीवन मिशन जैसी कल्याणकारी योजना से उन्हें वंचित रखा गया। वर्षों पूर्व की पेयजल लाइन क्षतिग्रस्त है पाइपों में पानी नहीं आता और उन्हें पेयजल के लिए परेशानियां झेलनी पड़ती है। इसके अलावा गांव के संपर्क मार्ग भी पैदल चलने लायक नहीं है जिनका मरम्मत होना नितांत आवश्यक है। सामाजिक कार्यकर्ता पुरुषोत्तम भट्ट ने कहा कि यहां की मिट्टी का परीक्षण कर उपयुक्त फसल उगाने का प्रशिक्षण ग्रामीणों को दिया जाना चाहिए। गांव में स्ट्रीट लाइट लगवाई जाय और वनाग्नि की रोकथाम के लिए प्रभावी योजना बनाई जाय। इसके अलावा अन्य कई समस्याओं का एक प्रस्ताव मुख्य विकास अधिकारी को भेजा है। बैठक सामाजिक कार्यकर्ता सोहन भट्ट, नवीन नौटियाल, रतनमणी, कीर्तमणी , इन्दरमणी , राजाराम आदि लोग उपस्थित रहे।







