भारती चौधरी
मछलीशहर जौनपुर,उत्तर प्रदेश
नया दौर,नया धर्म नया इंसान
और नया अब ये ज़माना है
मुंह में दही जमा लो भैया
सब अपना ही ताना-बाना है
बेहोश सी रहती है जनता,औ
राजनीति की बिगड़ रही चाल है
मन मसोस कर बोले पं•दीनदयाल
बचा रहे धर्म अपना बाकी बढ़िया हालचाल है
वर्षों रहे गर्द में हम
वर्षों की जमी धूल अब साफ होगी
चार दिन अच्छे से गुजारो फिर
बलात्कार की भी सजा माफ होगी
महंगाई दिखती नहीं किसी को
चौथा स्तंभ ही अब आड़े आता है
आम जन से भला क्या मिलता है इन्हें
सरकारी दल जब इन्हें भजिया पूड़ी खिलाता है
दाम पूछो गर गैस, टमाटर के
मंत्री महोदया भड़क जाती हैं
जेल में चक्की पीसने के फिर
वो अच्छे दिन याद दिलाती हैं
लो आया फिर से चुनावी दौर
फिर सबको ये चूना लगाएंगे
दो सौ रूपए घटा करके
फिर हजार के पार ले जाएंगे
शिक्षा,रोज़गार का तुम नाम न लो
सरकारी सुविधाओं से दूर रहो
ये सब नेताओं के हक में हैं
तुम बेबस औ मजबूर रहो
गया जमाना शिक्षक,कवि औ पत्रकारों का
सब के सब सरकारी हुए जाते हैं
सवाल जवाब, किया जिसने भी गर
वो देशद्रोही कहलाते हैं








