भूतपूर्व सैनिक सेवा संगठन समिति गहमर के अध्यक्ष सूबेदार मेजर मार्कंडेय सिंह का हुआ निधन।

Spread the love

 ब्यूरोः  हरी राम यादव,  सूबेदार मेजर (आनरेरी)

 

भूतपूर्व सैनिक सेवा संगठन समिति गहमर के अध्यक्ष सूबेदार मेजर मार्कंडेय सिंह का हुआ निधन।

 

          गहमरः सैनिकों की खान कहा जाने वाला जनपद गाजीपुर का गांव गहमर जो कि अपने आप में एक इतिहास है। इस गांव को एशिया और भारत का सबसे बड़ा गांव होने का भी गौरव प्राप्त है। इस गांव में लगभग हर घर से कोई न कोई सैनिक रहा है या वर्तमान में है। इस गांव में सेवानिवृत्त सैनिकों के हित के लिए “भूतपूर्व सैनिक सेवा संगठन समिति गहमर” बनायी गयी है । सूबेदार मेजर मार्कंडेय सिंह इस समिति के अध्यक्ष थे जिनका कल 85 वर्ष की आयु में निधन हो गया। सूबेदार मेजर मार्कंडेय सिंह भारतीय सेना की आर्डिनेंस कोर से सूबेदार मेजर के पद से सेवानिवृत्त हुए थे। आज उनका शरीर पंचतत्व में विलीन हो गया। सूबेदार मेजर मार्कंडेय सिंह बहुत ही शालीन और सुलझे हुए व्यक्ति थे। गहमर पर अपनी पुस्तक के लिए एक लेख लिखने के दौरान इन पंक्तियों के लेखक की कई बार उनसे बात हुई थी।

 

आपको बताते चलें कि इस गांव की कुल आबादी लगभग 1.35 लाख है। यह गांव 22 टोलों में बंटा हुआ है। सूबेदार मेजर मार्कंडेय सिंह जी के निधन से गहमर में शोक व्याप्त है।

 

 

  • Related Posts

    छावनी कर भुगतान के लिए लगेंगे शिविर

    Spread the love

    Spread the love  ब्यूरो कुमाऊंः दयानन्द कठैत अल्मोड़ा                        (नया अध्याय)         छावनी कर भुगतान के लिए…

    दया का एक छोटा सा भाव भी मनुष्य के मन को सुकुन देती हैं, मन के विकारों को दूर करती है।

    Spread the love

    Spread the love  लेखिका/कवयित्री सुश्री सरोज कंसारी  नवापारा राजिम, रायपुर (छ. ग.)                                    …

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    You Missed

    साथ-साथ चल सकते हैं आर्थिक विकास और वित्तीय अनुशासन

    • By User
    • February 5, 2026
    • 2 views
    साथ-साथ चल सकते हैं आर्थिक विकास और वित्तीय अनुशासन

    स्मृतियों की राह में कविता.

    • By User
    • February 5, 2026
    • 11 views
    स्मृतियों की राह में कविता.

    आशाओं की छतरी

    • By User
    • February 5, 2026
    • 6 views
    आशाओं की छतरी

    थोड़ा सा इश्क में

    • By User
    • February 5, 2026
    • 6 views
    थोड़ा सा इश्क में

    वासंतिक छवि(दोहे)

    • By User
    • February 5, 2026
    • 12 views
    वासंतिक छवि(दोहे)

    अंजाम-ए- गुलिस्ताँ क्या होगा ?

    • By User
    • February 5, 2026
    • 5 views
    अंजाम-ए- गुलिस्ताँ क्या होगा ?