ब्यूरो बिलासपुर, छत्तीसगढ़ः सुनील चिंचोलकर।

नर्सिंग असिस्टेंट विद्यार्थियों ने ग्रामीण क्षेत्रों में दी स्वास्थ्य शिक्षा।
बिलासपुर, छत्तीसगढ़ः विश्वास सोशल वेलफेयर सोसाइटी (उपासना एजुकेशन ट्रस्ट) जरहाभाठा बिलासपुर के नर्सिंग असिस्टेंट पाठ्यक्रम के छात्र-छात्राओं ने ग्रामीण क्षेत्रों में जाकर लोगों को स्वास्थ्य शिक्षा प्रदान की। विद्यार्थियों ने गढ़वट, चकरभाठा, नांदघाट, जरहाभाठा, महाराणा प्रताप चौक, रहांगी, जोगीपुर और नवागांव जैसे क्षेत्रों में पहुंचकर महिलाओं, बच्चों और पुरुषों को जागरूक किया।
स्वास्थ्य शिक्षा के अंतर्गत माहवारी, मेनोपॉज, टीबी (ट्यूबरक्यूलोसिस), सब्सटेंस एब्यूज, हेपेटाइटिस और कुष्ठ रोग जैसे गंभीर विषयों पर विस्तृत जानकारी दी गई। विद्यार्थियों ने समझाया कि इन बीमारियों से बचाव और समय पर उपचार से जीवन को स्वस्थ बनाया जा सकता है। ग्रामीण लोगों ने इन विषयों पर रुचि से शिक्षा प्राप्त की और विद्यार्थियों के प्रयासों की सराहना की।
स्वास्थ्य शिक्षा प्रदान करने वाली टीम में शीतल, रागिनी, राखी, झनकृति, राशिका, सोनम, सत्यम, नीतू और दीपिका शामिल रहे। इन छात्र-छात्राओं ने उदाहरणों और सरल भाषा के माध्यम से ग्रामीणों को जागरूक किया, जिससे लोग आसानी से विषय को समझ सके।
गौरतलब है कि उपासना एजुकेशन ट्रस्ट, जो पिछले आठ वर्षों से जरहाभाठा में संचालित है, गरीब और जरूरतमंद विद्यार्थियों को चिकित्सा संबंधी प्रशिक्षण उपलब्ध करा रहा है। यहां नर्सिंग असिस्टेंट, मेडिकल लैब टेक्नीशियन और ओटी टेक्नीशियन जैसे कोर्स संचालित किए जाते हैं। संस्था का उद्देश्य समाज को प्रशिक्षित युवाओं के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ना है।
ग्रामीण क्षेत्रों में आयोजित इस कार्यक्रम ने न केवल स्थानीय लोगों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक किया बल्कि विद्यार्थियों को भी सामाजिक उत्तरदायित्व निभाने का अवसर दिया। इस पहल ने यह संदेश दिया कि युवा पीढ़ी यदि शिक्षा के साथ समाजहित में कार्य करे तो बड़ा बदलाव संभव है।







