संवाददाता कानड़ःगोवर्धन कुम्भकार
(नया अध्याय)
शीतलहर के चलते तापमान में गिरावट से बढ़ी ठंड एवं ठिठुरन
ठंड से राहत पाने के लिए धूप और अलाव का सहारा ले रहे हैं
नहीं जल रहे हैं सार्वजनिक स्थानों पर अलाव ..
कानड़ : राजधानी सहित कहीं जिलों में एवं नगर सहित क्षेत्र में सर्दी का मौसम का पूरे शबाब पर है लगातार ठंड का अहसास बढ़ रहा है इससे बचने के लिए आमनागरिक धपू व अलाव का सहारा ले रहे हैं विगत दिनों से आसपास के क्षेत्र में मौसम का बेहद सर्द बना हुआ है विगत दो-तीन दिनों से शीत लहर ने की वजह से तापमान में गिरावट से मौसम और अधिक सर्द बन गया है
प्रात 8:00 बजे से 9:00 तक इतनी अधिक ठंड रहती है कि नागरिक रजाई नहीं छोड़ पा रहे है श्याम होते ही इतनी कड़ाके की सर्दी का एहसास होने लग रहा है दिसंबर माह नहाने चल रही सर्द हवाओं के कारण तापमान में भी लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है जिसके चलते लगातार ठंड एवं ठिठुरन बढ़ रही है आलम यह है कि दिन में भी यदि घर या दुकान में अंदर बैठे रहे तो थे ठिठुरन होने लग रही है शाम हो तो ही ठंड से बचने के लिए आम नागरिक अलाव का सहारा ले रहे हैं
गोवंश के लिए भी नहीं जल रहे हैं अलाव
नागरिक तो इस कड़ाके की सर्दी जैसे तैसे अपना बचाव कर रहे हैं लेकिन नगर में घूमता फिरता बेवस गोवंश शाम होते ही इधर-उधर घूम कर अलाव को ढूंढ रहा है गौ माता को कड़ाके की सर्दी से बचने के लिए नगर परिषद द्वारा नगर में गो सेवकों के माध्यम से अलाव जलवा जलाना चाहिए लेकिन अभी तक को वंशों के लिए आला वी का प्रारंभ नहीं हुआ है जिसके चलते गोवंश सर्दी में रातों में इधर-उधर ठिठुरन से मजबूर हो रहे हैं
इस करने की ठंड एवं शीत लहर से बचने के लिए सार्वजनिक स्थान पर अलाव जालना प्रारंभ नहीं हुआ है क्योंकि नागरिकों को इस कड़ाके की सर्दी से बचने के लिए नगर पंचायत द्वारा अलाव के लिए लकड़ी की व्यवस्था करनी चाहिए जो मुख्य एवं सार्वजनिक स्थानों पर अलाव जालना प्रारंभ किया जाना चाहिए इस ओर नगर परिषद को ध्यान देना चाहिए







