संवाददाता कानड़ः गोवर्धन कुम्भकार
(नया अध्याय, देहरादून)
बार बार जाम लगने की स्थिति बनती रहती है
जाम से वाहन चालक सहित रहवासी हो रहे हैं परेशान
कानड़: नगर के मध्य से शाजापुर नलखेड़ा को जोड़ने वाला मुख्य मार्ग निकला है यह मार्ग पहले छोटा और खराब था लेकिन उक्त मार्ग मध्य प्रदेश सड़क विकास निगम द्वारा शाजापुर से नलखेड़ा तक टू लाइन बनाया गया है मार्ग टू लाइन होते ही इस मार्ग पर वाहनों का दबाव काफी बढ़ गया जिसमें कानड़ नगर के मध्य से निकले मार्ग पर नेताजी सुभाष स्कूल के यहां से राजवाड़ा मोहल्ले तक मार्ग इतना सकरा है कि दो बड़े वाहनो तो दूर दो छोटी-छोटी गाड़ियां भी एक साथ नहीं निकल सकती है बोरखेड़ी जोड़ के यहां दो घुमावदार मोड़ है उसे पर बड़ी गाड़ियों ट्राले कंटेनर आदि घूम नहीं पाते हैं इस कारण आए दिन जाम लग जाता है यहां जाम की स्थिति आज ही ऐसी नहीं बनी है आए दिन यहां पर जान की स्थिति बनी रहती है।
जाम तकरीबन 1 घंटे तक लग रहा
कही बार तो हालत जहां हो जाते हैं कि बड़े वाहन चालक की गाड़ियां आसपास बने मकानों से टकरा जाती है इससे कहीं बार विवाद की स्थिति निर्मित हो चुकी है जाम कुछ देर के लिए नहीं बल्कि घंटो जाम में गाड़ियां फंसी रहती है जिसके कारण गाड़ी यो में सवार यात्री तो परेशान होते यह साथ ही आसपास के रहवासी भी परेशानी का सामना करते हैं
रविवार को दोपहर के समय मार्ग पर यहां आलम था कि बोरखेड़ी जोर से लगाकर तो नेताजी स्कूल तक वाहनों की लंबी कतारे और राजवाड़ा चौराहा से लगाकर तो बोरखेड़ी जोर तक वाहनों की लंबी कतारे लगी हुई थी
क्योंकि आज वाहनों का आवागमन इसलिए ज्यादा था कि कानड़ नगर में मालवीय समाज का सामूहिक विवाह सम्मेलन हुआ था क्योंकि सामूहिक विवाह सम्मेलन में राजगढ़ जीरापुर माचलपुर नलखेड़ा सुसनेर सोयत आदि शहरों से बारात लेकर सामूहिक विवाह सम्मेलन में पहुंचे थे सम्मेलन समाप्त होने के बाद वहां अपने-अपने घर के लिए रवाना हुए और साथ ही बगलामुखी माता रानी के दर्शन के लिए भी पहुंचे के लिए एकमात्र रास्ता जो शॉर्टकट पड़ता है इस बीच वाहन चालकों को जाने में आसानी होती है लेकिन इस मार्ग पर आए दिन जाम कि स्थिति बनी रहती है ट्रैले ओर सामने से बस आ जाने की वजह से 2 घंटे तक पूरी तरह मार्ग बंद रहा और जाम की स्थिति इस तरह निर्मित हुई की पैदल चलने वाले भी उक्त मार्ग पार नहीं कर सकता था स्थिति लोगों के लिए परिश्रम हुआ मेहनत से 2 घंटे ढाई घंटे में एक ट्रक और बस को पीछे से ले जा रहा जैसे तैसे मार्ग चालू करवाया गया तब जाकर रहवासियों ने चैन की सांस ली
शाजापुर से नलखेड़ा को जोड़ने वाला मार्ग जाने के कारण और नलखेड़ा स्थित विश्व प्रसिद्ध शक्तिपीठ मां बगलामुखी मंदिर होने की वजह से वाहनों की हवा जावी काफी बढ़ गई और आने वाले समय में बगलामुखी लोक बन जाने के कारण इस मार्ग पर वाहनों दबाव और अधिक बढ़ जाएगा सारंगपुर दरवाजा बोरखेड़ी कर पर सड़क सकरी होने व साथ ही दो मोड होने की वजह से आए दिन ट्रैफिक जाम की स्थिति निर्मित हो जाती है जिससे निजात पाने के लिए निवासियों ने उत्तर मार्ग को बाईपास से निकलने की मांग की है
यही मार्ग राजस्थान बॉर्डर को भी जोड़ता है क्योंकि इस मार्ग में पहुंचने के लिए वाहन चालकों को इतनी आसानी हो जाती है कि आगर पहुंचने में उनको जितना समय लगता है उतने समय में वह नलखेड़ा पहुंच जाते हैं और वाहन चालक आसानी से राजस्थान बॉर्डर तक पहुंच जाते हैं






