सम्पादक रुद्रप्रयागः लक्ष्मण सिंह नेगी
(नया अध्याय, देहरादून)
सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का पूर्णाहुति के साथ समापन।
सात दिनों तक भक्ति, श्रद्धा और आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर रहा मणिगुह गांव।
ऊखीमठ: पट्टी तल्ल कालीफाट की ग्राम पंचायत मणिगुह स्थित प्रकृति की सुरम्य वादियों में विराजमान देव सेनापति भगवान कुमार कार्तिकेय मंदिर में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा एवं ज्ञान यज्ञ का पूर्णाहुति के साथ भव्य समापन हो गया। सात दिनों तक चले धार्मिक आयोजन से सम्पूर्ण क्षेत्र भक्तिमय वातावरण में डूबा रहा। कथा स्थल पर प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की उपस्थिति रही तथा दूर-दराज गांवों से पहुंचे श्रद्धालुओं ने कथा श्रवण कर पुण्य लाभ अर्जित किया। धार्मिक अनुष्ठान के अंतिम दिवस प्रातः काल विशेष पूजा-अर्चना, हवन एवं पूर्णाहुति कार्यक्रम सम्पन्न हुए। वैदिक मंत्रोच्चार और धार्मिक अनुष्ठानों से सम्पूर्ण वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से ओत-प्रोत हो उठा। पूर्णाहुति के अवसर पर श्रद्धालुओं ने विश्व शांति, क्षेत्र की सुख-समृद्धि तथा जनकल्याण की कामना की। आयोजन समिति एवं ग्रामीणों द्वारा श्रद्धालुओं के लिए विशाल भंडारे का आयोजन भी किया गया, जिसमें सैकड़ों लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया। सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा व ज्ञान यज्ञ के समापन अवसर पर कथावाचक आचार्य नीरज भट्ट ने कथा के माध्यम से भगवान श्रीकृष्ण की दिव्य लीलाओं, धर्म, भक्ति एवं मानव जीवन के आदर्शों का सुंदर वर्णन करते हुए कहा कि श्रीमद्भागवत कथा केवल धार्मिक आयोजन नहीं बल्कि समाज को संस्कारित करने का माध्यम भी है। उन्होंने कहा कि कथा श्रवण से व्यक्ति के भीतर सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है तथा समाज में प्रेम, भाईचारा और आध्यात्मिक चेतना मजबूत होती है। सात दिवसीय आयोजन के दौरान प्रतिदिन भजन-कीर्तन, संध्या आरती एवं धार्मिक सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध किया। महिलाओं, युवाओं एवं बच्चों की सक्रिय भागीदारी आयोजन का मुख्य आकर्षण रही। कथा स्थल को फूल-मालाओं एवं रंग-बिरंगी सजावट से आकर्षक रूप दिया गया था । वन पंचायत सरपंच बचन सिंह रावत ने बताया कि कार्तिकेय क्वारिका कीर्तन मण्डली, समस्त ग्रामवासियों के सहयोग एवं क्षेत्रवासियों की आस्था से यह धार्मिक आयोजन सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ। उन्होंने सभी विद्वान आचार्यो , श्रद्धालुओं, सहयोगकर्ताओं एवं अतिथियों का आभार व्यक्त किया। कथा समापन के अवसर पर विद्वान आचार्य लक्ष्मी प्रसाद भट्ट, अनिल भट्ट, शम्भू प्रसाद भट्ट, अरविंद भट्ट, आशुतोष भट्ट, श्रवण भट्ट, प्रधान माणिक लाल, पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष सत्यपाल नेगी, कार्तिकेय क्वारिका कीर्तन मण्डली अध्यक्ष आशा देवी, बलवीर बिष्ट, गजेन्द्र सिंह नेगी, तेजेन्द्र सिंह चौहान, नन्दन सिंह राणा, विपिन नेगी, युवराज सिंह , हन्नी , सरिता भट्ट, प्रेमकला भट्ट, विमला देवी, राजेश्वरी देवी, सुवारी देवी, सुदेई राणा, दीपा देवी सहित कार्तिकेय क्वारिका कीर्तन मण्डली पदाधिकारी, सदस्य व सैकड़ों श्रद्धालु मौजूद थे।






