सम्पादक रुद्रप्रयागः लक्ष्मण सिंह नेगी
(नया अध्याय, देहरादून)
भटवाड़ी के बडेथ तोक में फिर सक्रिय हुआ भूस्खलन।
एक मकान व पांच गौशालाएं खतरे में।
तीन परिवारों का पहले हो चुका है विस्थापन।
दायरा बढ़ने से भविष्य में दस परिवारों पर मंडरा सकता है खतरा।
राज्य मंत्री चण्डी प्रसाद भट्ट ने किया आपदा प्रभावित क्षेत्र का निरीक्षण।



ऊखीमठः विकासखण्ड अगस्त्यमुनि की ग्राम पंचायत भटवाड़ी के बडेथ तोक में भूस्खलन एक बार फिर सक्रिय होने से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। भूस्खलन का दायरा लगातार बढ़ने से यहां एक मकान सहित पांच गौशालाएं खतरे की जद में आ गई हैं। क्षेत्र में पूर्व में भी भूस्खलन के चलते तीन परिवारों का विस्थापन हो चुका है। ग्रामीणों का कहना है कि समय रहते प्रभावी सुरक्षात्मक उपाय नहीं किए गए तो आने वाले समय में करीब दस परिवारों के सामने भी खतरा उत्पन्न हो सकता है तथा काश्तकारों की सिंचित व असिंचित भूमि भी खतरे की जद में आ सकती है।
भटवाड़ी के बडेथ तोक में बरसात के दौरान भू-धंसाव एवं भूस्खलन की समस्या लगातार गंभीर होती जा रही है। पहाड़ी का एक बड़ा हिस्सा खिसकने से आसपास की जमीन में दरारें पड़ने और मलबे के साथ भारी बोल्डर आने का खतरा बना हुआ है। भूस्खलन की चपेट में आने की आशंका से एक आवासीय मकान तथा पांच गौशालाओं को लेकर ग्रामीण चिंतित हैं। प्रभावित परिवारों को हर समय अनहोनी की आशंका सता रही है तथा प्रभावित परिवार ने दूसरे के घर में शरण ले ली है।
प्रधान भटवाड़ी मोहित नेगी व प्रेम सिंह नेगी के अनुसार क्षेत्र में भूस्खलन की समस्या नई नहीं है। पूर्व में भी इसकी चपेट में आने से तीन परिवारों को अपने घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर विस्थापित होना पड़ा था। अब भूस्खलन का दायरा बढ़ने से आसपास बसे अन्य परिवारों पर भी संकट गहराने लगा है। यदि भूस्खलन इसी गति से बढ़ता रहा तो भविष्य में करीब दस परिवार इसकी जद में आ सकते हैं।
आपदा प्रभावित क्षेत्र का किया स्थलीय निरीक्षण
क्षेत्र में भूस्खलन सक्रिय होने की सूचना मिलने पर राज्य मंत्री चण्डी प्रसाद भट्ट ने बडेथ तोक पहुंचकर आपदा प्रभावित क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने प्रभावित ग्रामीणों से मौके पर बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं तथा भूस्खलन की स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने संबंधित विभागीय अधिकारियों को स्थिति की गंभीरता को देखते हुए आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। राज्य मंत्री चण्डी प्रसाद भट्ट ने अधिकारियों से प्रभावित क्षेत्र का तकनीकी निरीक्षण कर भूस्खलन के कारणों का आकलन करने तथा आवश्यक सुरक्षात्मक उपायों को प्राथमिकता के आधार पर धरातल पर उतारने को कहा। उन्होंने प्रभावित परिवारों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतने के निर्देश दिए।
सुरक्षा उपायों की मांग
ग्रामीण महावीर सिंह नेगी, मदन सिंह रावत, भीम सिंह, हर्षवर्धन सिंह, सयन सिंह ने राज्य मंत्री के समक्ष भूस्खलन की रोकथाम के लिए स्थायी सुरक्षात्मक कार्य कराने, प्रभावित परिवारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा संवेदनशील क्षेत्र का वैज्ञानिक सर्वेक्षण कराने की मांग रखी। ग्रामीणों का कहना है कि बरसात के दौरान भूस्खलन का खतरा और अधिक बढ़ जाता है, ऐसे में प्रभावित परिवारों की सुरक्षा के लिए तत्काल प्रभावी कदम उठाया जाना जरूरी है।
ग्रामीणों ने उम्मीद जताई कि राज्य मंत्री के निरीक्षण के बाद संबंधित विभागों द्वारा शीघ्र आवश्यक कार्रवाई की जाएगी और बडेथ तोक में लगातार बढ़ रहे भूस्खलन से ग्रामीणों को स्थायी राहत मिल सकेगी। वहीं, क्षेत्र में भूस्खलन की सक्रियता को देखते हुए राजस्व विभाग की टीम मौके पर पहुंच चुकी है तथा प्रशासन एवं विभागीय स्तर पर लगातार निगरानी बनाए रखना भी जरूरी माना जा रहा है।







