राजेंद्र रंजन गायकवाड
(सेवा निवृत्त केंद्रीय जेल अधीक्षक)
बिलासपुर, छत्तीसगढ़
(नया अध्याय, उत्तराखण्ड)
शेयर बाजार से सावधान!
(लेख)
वर्तमान में भारतीय शेयर बाजार गिरने के क्या कारण हैं। भारतीय शेयर बाजार में वर्तमान गिरावट के मुख्य कारण जो मुझे समझ आ रहें हैं वो इस तरह हैं।
पहला विदेशी निवेशकों (FIIs) की बिकवाली विदेशी संस्थागत निवेशक लगातार भारतीय बाजार से भारी मात्रा में पैसा निकाल रहे हैं, जिससे सूचकांकों पर दबाव बना हुआ है। इसे रोकने का किसी के पास कोई उपाय नहीं दिख रहा है।
दूसरा कारण है बढ़ता कच्चा तेल (Crude Oil) और महंगाई मिडिल ईस्ट में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य के संकट के कारण ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमतों में उछाल आया है, जिससे भारत का आयात बिल और महंगाई बढ़ने की आशंका है। राजनीतिक राजनीति, कूटनीति आर्थिक स्थिति कैसे रुकेगी,,देखना है।
आरबीआई (RBI) का कड़ा रुख भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति ने रेपो रेट में 25 बेसिस पॉइंट्स की बढ़ोतरी कर इसे 5.50% कर दिया है और अपना रुख ‘कैलिब्रेटेड टाइटनिंग’ (कठोर मौद्रिक नीति) कर दिया है, जिससे ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदें खत्म हो गई हैं। इसके कारण आज सेंसेक्स 1000 से ज्यादा प्वाइंट गिरता दिख रहा है।
तीसरा कारण कमजोर वैश्विक संकेत वैश्विक स्तर पर मंदी की आशंकाओं, उच्च महंगाई और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में मजबूती के चलते दुनिया भर के बाजारों में सतर्कता का माहौल है। इन्वेस्टर्स को ध्यान रखना होगा।
चौथा कारण, वैल्यूएशंस पर दबाव बाजार के ऊंचे स्तरों और कमजोर होती कॉर्पोरेट आय के कारण भी निवेशकों का मुनाफावसूली (Profit booking) की तरफ रुझान बढ़ा है।
साथ ही बड़े पूंजीपतियों का कर्ज़ कम या माफ करना शेयर बाजार ही नहीं महंगाई बढ़ने का कारण समझ आ रहा है। इसके लिए राजनीतिक क्या मजबूरी हो सकती है? सोचनीय विषय है।

