सुश्री सरोज कंसारी कवयित्री/लेखिका/शिक्षिका नवापारा/राजिम रायपुर, (छत्तीसगढ़)
(नया अध्याय, उत्तराखण्ड) (w) 6395080071
सशिमं नवापारा में झूल रही खतरे की 11 केवी.विद्युत् तार।हटाने के लिए कई आवेदन देने पर भी शासन -प्रशासन मौन।
नवापारा राजिम- सरस्वती शिशु मंदिर नवापारा के ठीक बीचों- बीच 11केवी. विद्युत् तार गुजरी हैं, जो खतरे की घंटी की तरह विद्यालय के मैदान में झूल रही हैं। जो कभी भी भयंकर दुर्घटना का कारण बन सकती हैं। इस विद्युत् तार को हटाने के संबंध में कई आवेदन दिया जा चूका हैं। कई घटनाएं पूर्व में हो चुकी हैं। जन प्रतिनिधि गण घटना होने के समय तुरंत इस तार को हटाने का वादा कर देते हैं। लेकिन समय के साथ धूल में सब दब जाता हैं। कोई सुध लेने वाला नहीं हैं। पूर्व कलेक्टर ओमप्रकाश चौधरी नें इसे हटाने का प्रयास किया, जो सार्थक होते होते रह गया। बच्चों को पहले मैदान में फुटबाल खेलने की अनुमति थी, कई बार बाल से तार को टच हुआ तथा भयंकर चिंगारी निकली। इस घटना को देखकर बच्चों को बाल खेलना मना कर दिए। आवेदन कई जन नेताओं को दिया गया। जिसमें वर्तमान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, विधायक इंद्र कुमार साहू, नगर अध्यक्ष ओमकारी साहू, पूर्व मुख्यमंत्री रमनसिंह, संभाग कार्यपालन अभियंता नवापारा -राजिम को भी मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय नें तुरंत तार को हटाने की मांग किए थे, लेकिन उन्होंने विद्यालय से इसे हटानें के लिए, लगभग नौ लाख राशि की मांग का नोटिस जारी कर दिया.विद्यालय की आर्थिक स्थिति इतनी अच्छी नहीं की इतनी बड़ी रकम दे पाए। पूर्व सांसद रमेश बैस ज़ी भी इस संबंध में तार हटाने का आश्वासन ही दिए।
विद्यालय के बीच स्थित 11केवी.विद्युत् तार को हटाने के लिए पूर्व अध्यक्ष पारस गोलछा, स्व. बसंत दुबे, भागचंद बंगानी, संजय बंगानी, पूर्व प्राचार्य नरेश यादव वर्तमान श्री रामजानकी शिक्षण समिति के प्रबंधकारिणी विनोद कुमार शर्मा, रमेश पहाड़िया, प्रफुल्ल दुबे, कोमल साहू, अशोक गंगवाल, रवि जैन प्राचार्य गौरीशंकर निर्मलकर आदि नें लगभग बीसो बार प्रयास प्रयास किए। लेकिन शासन ने इन सब प्रयासो पर पानी फेर दिया। विद्यालय के पास इस तार के कारण कभी भी किसी के साथ भी बड़ी दुर्घटना हो सकती हैं क्योंकि यह तार विद्यालय के आसपास के सघन आबादी से गुजरा हैं। आश्चर्य हैं इतने संवेदनशील विषय होने के बाद भी किसी का ध्यान इस विद्युत् तार को हटाने के लिए नहीं जाता। क्या पुनः दुर्घटना होने का इंतजार कर रही शासन?
यह विद्यालय विद्या भारती द्वारा संचालित हैं तथा उन्ही के स्वयं सेवक नगर, राज्य तथा देश में शासन कर रहे। ऐसे में जन प्रतिनिधियों की चुप्पी संदेहास्पद हैं।


जब बच्चों से सम्बंधित इतने गंभीर मामले पर ध्यान नहीं दे रहे तो, विद्यालय परिवार पूछ रही औऱ कब तक इंतजार करना होगा, या किसी भयंकर दुर्घटना का इंतजार हैं?






